असम में हिमंत बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। पीएम मोदी, अमित शाह समेत कई दिग्गज नेता समारोह में शामिल हुए। जानिए नई सरकार के बड़े संकेत और चुनौतियां।
असम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने एक बार फिर सत्ता संभाल ली है। गुवाहाटी में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में हिमंत बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत बीजेपी शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री मौजूद रहे। इस दौरान भारत में तैनात अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
हिमंत बिस्वा सरमा के साथ रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चंदन ब्रह्मा (चरण बोरो) और अजंता नियोग ने भी मंत्री पद की शपथ ली। नई सरकार के गठन को लेकर असम भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
पूर्वोत्तर के विकास पर फोकस
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान बीजेपी नेताओं ने पूर्वोत्तर भारत के विकास और “पूर्वोदय” विजन को आगे बढ़ाने की बात कही। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर राज्यों के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि असम, ओडिशा, बिहार, त्रिपुरा और सिक्किम में विकास के नए आयाम स्थापित किए जाएंगे।
परिवार ने जताई खुशी
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के परिवार ने भी इस अवसर पर खुशी जाहिर की। उनकी बेटी सुकन्या सरमा ने कहा कि यह उनके परिवार के लिए बेहद गर्व और खुशी का पल है। वहीं उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताया।
बीजेपी की लगातार तीसरी सरकार
असम में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार का यह लगातार तीसरा कार्यकाल है। पार्टी ने राज्य में विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, कानून व्यवस्था और निवेश को मुख्य मुद्दा बनाकर जनता का भरोसा कायम रखा। हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में बीजेपी ने एक बार फिर स्पष्ट बहुमत हासिल कर सत्ता में वापसी की है।
नई सरकार के सामने बड़ी चुनौतियां
नई सरकार के सामने रोजगार, बाढ़ नियंत्रण, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने जैसी बड़ी चुनौतियां रहेंगी। इसके अलावा पूर्वोत्तर राज्यों को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर भी सरकार का विशेष फोकस रहेगा।

