दुनिया में किस देश में रहते हैं सबसे ज्यादा शाकाहारी लोग? जानिए किस नंबर पर आता है भारत

नई दिल्ली | 25 अक्टूबर 2025 — क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया में सबसे ज्यादा शाकाहारी (Vegetarian) लोग किस देश में रहते हैं?
तो जवाब है — भारत। प्राचीन परंपराओं, धार्मिक मूल्यों और जीवनशैली के कारण भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा शाकाहारी देश माना जाता है। यहां की लगभग 30% से 40% जनसंख्या शाकाहारी भोजन का पालन करती है। लेकिन केवल भारत ही नहीं, दुनिया के कई और देश भी अब शाकाहार को अपनाते जा रहे हैं। आइए जानते हैं उन पांच देशों के बारे में जहां शाकाहारी लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है।

1. भारत — दुनिया का सबसे बड़ा शाकाहारी देश

भारत शाकाहारी जनसंख्या के मामले में दुनिया में पहले स्थान पर है। अनुमान के मुताबिक, यहां लगभग 27.6 करोड़ लोग पूरी तरह शाकाहारी हैं।
भारत में शाकाहार की जड़ें गहराई से हिंदू धर्म, जैन धर्म और बौद्ध धर्म से जुड़ी हैं, जहां अहिंसा और करुणा को जीवन का मूल सिद्धांत माना जाता है।

भारतीय व्यंजनों में शाकाहारी भोजन का अनोखा स्वाद और विविधता देखने को मिलती है।

पनीर टिक्का, दाल मखनी, डोसा, पोहा, सब्जी-रोटी, छोले भटूरे, कढ़ी चावल जैसे व्यंजन न सिर्फ स्वादिष्ट हैं, बल्कि पोषण से भी भरपूर हैं।
आज भारत में शाकाहार केवल परंपरा नहीं, बल्कि एक स्वास्थ्य और पर्यावरण-हितैषी जीवनशैली बन चुका है।

2. मेक्सिको — 19% आबादी शाकाहारी

मेक्सिको की लगभग 19% आबादी, यानी करीब 2.38 करोड़ लोग, शाकाहारी जीवनशैली अपनाए हुए हैं।
इस बदलाव के पीछे दो प्रमुख कारण हैं —

पशु कल्याण के प्रति जागरूकता, और

पर्यावरणीय स्थिरता की चिंता।

मेक्सिको का पारंपरिक खाना स्वाभाविक रूप से प्लांट-बेस्ड (Plant-Based) होता है।
यहां बीन्स, मकई, एवोकाडो, टमाटर, मिर्च और नींबू जैसी सामग्रियां भोजन का मुख्य हिस्सा हैं।
शहरों में तेजी से बढ़ते शाकाहारी रेस्टोरेंट और विगन कैफे इस परिवर्तन की गवाही दे रहे हैं।

3. ब्राजील — पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा शाकाहार

तीसरे स्थान पर है ब्राजील, जहां लगभग 14% आबादी (करीब 2.9 करोड़ लोग) शाकाहारी है।
ब्राजील में शाकाहार को अपनाने की मुख्य वजह है — पर्यावरणीय चिंताएं, खासकर पशुपालन के कारण हो रही वनों की कटाई।

साओ पाउलो और रियो डी जेनेरो जैसे बड़े शहरों में आज शाकाहारी भोजन को लेकर जागरूकता बढ़ी है।
यहां “ग्रीन रेस्टोरेंट्स” और “विगन मार्केट्स” की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे यह देश लैटिन अमेरिका में शाकाहार के सबसे बड़े केंद्रों में से एक बन गया है।

4. ताइवान — करुणा और स्वास्थ्य का संगम

ताइवान इस सूची में चौथे स्थान पर है। यहां की लगभग 13–14% आबादी मांसाहार से दूर रहती है।
ताइवान में शाकाहार की जड़ें बौद्ध धर्म के करुणा सिद्धांतों से जुड़ी हैं।
लेकिन अब यह केवल धार्मिक प्रथा नहीं, बल्कि आधुनिक जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है।

सरकार भी शाकाहार को स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के रूप में प्रोत्साहित करती है।
ताइपे (Taipei) जैसे शहरों में सैकड़ों शाकाहारी रेस्टोरेंट हैं, और यहां का भोजन —
टोफू, सब्जियों, नूडल्स और सीवीड पर आधारित — पूरे एशिया में प्रसिद्ध है।

5. इजराइल — दुनिया की ‘विगन कैपिटल’

इजराइल इस सूची में पांचवें स्थान पर है, जहां की करीब 13% आबादी शाकाहारी या विगन भोजन का पालन करती है।
यह बदलाव आंशिक रूप से यहूदी आहार नियमों और नैतिकता से प्रेरित है, जो पशु क्रूरता के खिलाफ हैं।

तेल अवीव शहर को अक्सर “वर्ल्ड वेगन कैपिटल” कहा जाता है। यहां
फलाफल, हम्मस, सब्जियों से बने बर्गर, प्लांट-बेस्ड सूशी और पिटा सैंडविच जैसे व्यंजन बेहद लोकप्रिय हैं।
इजराइल में युवा पीढ़ी तेजी से विगन मूवमेंट का हिस्सा बन रही है, जिससे यह देश वैश्विक स्तर पर शाकाहार का प्रतीक बन गया है।

निष्कर्ष — शाकाहार अब ट्रेंड नहीं, जीवन का संतुलन है

दुनिया में आज शाकाहार सिर्फ भोजन की आदत नहीं, बल्कि पर्यावरण और करुणा का संदेश बन गया है।
भारत जैसे देश जहां शाकाहार हजारों साल पुरानी परंपरा है, वहीं अन्य देश भी अब इसे अपनाने लगे हैं —
क्योंकि यह न केवल स्वास्थ्य के लिए बेहतर, बल्कि धरती के भविष्य के लिए भी जरूरी है।

“शाकाहार सिर्फ पेट भरने का नहीं, बल्कि पृथ्वी को बचाने का एक तरीका है।”