ट्रंप की ‘4 घंटे में ईरान तबाह’ करने की धमकी पर IRGC का पलटवार। जानें US-Iran War का ताजा अपडेट और दुनिया पर इसका असर।
नई दिल्ली/तेहरान/वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब और खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के कड़े अल्टीमेटम के बाद ईरान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। दोनों देशों के बीच बयानबाजी अब सीधे सैन्य टकराव की ओर इशारा कर रही है।
ट्रंप की सख्त चेतावनी
सोमवार (6 अप्रैल) को Donald Trump ने ईरान को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर तेहरान मंगलवार (7 अप्रैल) रात तक समझौता नहीं करता, तो:
- 4 घंटे के भीतर ईरान को तबाह कर दिया जाएगा
- सभी पुल, बिजली संयंत्र और बुनियादी ढांचे नष्ट कर दिए जाएंगे
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना के पास ऐसी योजना है जो बहुत कम समय में बड़े पैमाने पर तबाही मचा सकती है।
IRGC का जवाब: ‘डर की राजनीति’
ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने ट्रंप के बयान को खारिज करते हुए तीखा पलटवार किया है।
IRGC के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फिकारी ने कहा:
- ट्रंप की भाषा “अभद्र और अहंकार से भरी” है
- यह बयान अमेरिकी सैन्य नाकामियों को छिपाने की कोशिश है
- ईरान अपने अभियानों को पूरी ताकत से जारी रखेगा
उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका-इजरायल का हर कदम उनकी “एक और हार” साबित होगा।
सुप्रीम लीडर का सख्त संदेश
ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei ने भी स्पष्ट कर दिया है कि:
- सैन्य हमलों से ईरान को कमजोर नहीं किया जा सकता
- देश की सुरक्षा और सैन्य अभियान जारी रहेंगे
- किसी भी दबाव के आगे झुकने का सवाल नहीं है
क्यों बढ़ रहा है तनाव?
- अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान की सीधी टकराहट
- पश्चिम एशिया में बढ़ती सैन्य गतिविधियां
- वैश्विक ऊर्जा और व्यापार पर असर
यह संघर्ष अब केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक चिंता का विषय बन गया है।
दुनिया पर क्या असर?
तेल और गैस की कीमतों में तेजी
वैश्विक बाजारों में अस्थिरता
सुरक्षा और कूटनीतिक दबाव में वृद्धि
निष्कर्ष
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती बयानबाजी यह संकेत दे रही है कि हालात बेहद संवेदनशील हैं। जहां एक ओर Donald Trump सख्त कार्रवाई की चेतावनी दे रहे हैं, वहीं Islamic Revolutionary Guard Corps और Ali Khamenei भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में आने वाले दिन वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।

