राम मंदिर चंदा चोरी मामला: FIR के बाद CM योगी का पहला बयान, बोले- जन आस्था से खिलवाड़ करने वालों को नहीं मिलेगी छूट

अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में FIR दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पहला बड़ा बयान सामने आया। सीएम ने कहा कि जन आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पढ़ें पूरा मामला।

अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में कथित गड़बड़ी के मामले में FIR दर्ज होने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “जन आस्था और सनातन धर्म के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।” साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि जांच पूरी होने से पहले अफवाहों और राजनीतिक बयानबाजी से बचें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे ही उन्हें मामले की जानकारी मिली, तत्काल विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया और रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी गई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और दोषी कोई भी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

देवरिया से दिया बड़ा संदेश

शुक्रवार (26 जून) को उत्तर प्रदेश के देवरिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उन्होंने 19 जून को अयोध्या प्रवास के दौरान भी लोगों से संयम बरतने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि अयोध्या करोड़ों रामभक्तों की आस्था का केंद्र है और इस पवित्र नगरी पर बिना तथ्यों के आरोप लगाना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा,

“अयोध्या भारत की सनातन संस्कृति और करोड़ों लोगों की श्रद्धा का प्रतीक है। किसी भी व्यक्ति को इस आस्था के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।”

SIT रिपोर्ट के बाद शुरू हुई कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत SIT गठित की गई थी। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य पूरी सच्चाई सामने लाना है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा,

“दूध का दूध और पानी का पानी होकर रहेगा। यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होगी।”

‘सनातन आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को नहीं मिलेगी राहत’

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में दोहराया कि सरकार धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार को स्वीकार नहीं करेगी।

उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति सनातन आस्था, मंदिरों या श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ खिलवाड़ करेगा, उसे किसी भी प्रकार की छूट नहीं मिलेगी।

विपक्ष पर साधा निशाना

सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आज जो लोग राम मंदिर और अयोध्या के नाम पर सवाल उठा रहे हैं, वही पहले भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल खड़े करते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल वर्षों तक राम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध करते रहे और अदालतों में मंदिर निर्माण के खिलाफ मुकदमे लड़ते रहे। वहीं कुछ ऐसे भी थे जिन्होंने “जय श्रीराम” के नारे लगाने वालों पर लाठी और गोली चलवाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों की नीयत पर जनता को सावधानी से विचार करना चाहिए।

क्या है पूरा मामला?

अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि के कथित गबन को लेकर मामला सामने आने के बाद पुलिस ने FIR दर्ज की है। मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने SIT का गठन किया है। जांच एजेंसी वित्तीय लेन-देन, दस्तावेजों और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ कर पूरे मामले की जांच कर रही है।

सरकार का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सरकार की अपील

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अपील की कि जांच पूरी होने तक अफवाहों, अपुष्ट खबरों और राजनीतिक बयानबाजी से बचें। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को निष्पक्ष तरीके से अपना काम करने दिया जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।