राज्यसभा में पीएम नरेंद्र मोदी ने मिडिल ईस्ट युद्ध पर भारत की रणनीति रखी। तेल-गैस सप्लाई, भारतीयों की सुरक्षा और शांति के लिए संवाद पर दिया जोर।
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच भारत की चिंताओं और रणनीति को लेकर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने मंगलवार (24 मार्च) को राज्यसभा में अहम बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि “शांति ही इस संकट का एकमात्र समाधान है” और युद्ध के दुष्प्रभाव लंबे समय तक वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकते हैं।
⚡ ऊर्जा संकट और व्यापार पर असर
प्रधानमंत्री ने कहा कि ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी संघर्ष से वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। तेल, गैस और फर्टिलाइजर जैसी जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति में बाधा आ रही है, जिससे भारत सहित कई देशों पर असर पड़ा है।
उन्होंने विशेष रूप से Strait of Hormuz का जिक्र करते हुए कहा कि यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यहां किसी भी तरह की रुकावट “स्वीकार्य नहीं” है।
🌍 भारतीयों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
प्रधानमंत्री ने बताया कि खाड़ी देशों में एक करोड़ से अधिक भारतीय रहते हैं और उनकी सुरक्षा भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सरकार के प्रयासों से अब तक:
- 3.75 लाख से अधिक भारतीय सुरक्षित वापस लाए गए
- ईरान से 1000+ भारतीयों की वापसी
- इनमें 700 से अधिक मेडिकल छात्र शामिल
🤝 कूटनीति से समाधान की कोशिश
पीएम मोदी ने कहा कि भारत लगातार सभी पक्षों—ईरान, अमेरिका और इजरायल—से संपर्क में है और तनाव कम करने के लिए संवाद पर जोर दे रहा है।
उन्होंने कहा:
“युद्ध किसी के हित में नहीं है, संवाद ही स्थायी समाधान है।”
🚢 तेल-गैस सप्लाई पर सरकार का प्लान
प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि भारत के पास पर्याप्त क्रूड ऑयल स्टॉक मौजूद है और सरकार वैकल्पिक स्रोतों से सप्लाई सुनिश्चित कर रही है।
साथ ही:
- एलपीजी और पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने पर काम
- घरेलू उत्पादन को बढ़ावा
- आयात पर निर्भरता कम करने की रणनीति
🛳️ आत्मनिर्भर भारत पर जोर
पीएम मोदी ने बताया कि भारत का 90% से अधिक व्यापार विदेशी जहाजों के जरिए होता है। इसे देखते हुए सरकार ने “मेड इन इंडिया” जहाज निर्माण को बढ़ावा देने के लिए लगभग 70,000 करोड़ रुपये की योजना शुरू की है।
🌾 किसानों और अर्थव्यवस्था पर फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने सप्लाई चेन, महंगाई और ऊर्जा संकट से निपटने के लिए 7 नए एंपावर्ड ग्रुप बनाए हैं।
उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि:
- खाद की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी
- बुवाई सीजन के लिए पूरी तैयारी है
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध ने वैश्विक स्तर पर अस्थिरता बढ़ा दी है, लेकिन भारत सरकार कूटनीति, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत और आत्मनिर्भरता के जरिए स्थिति संभालने की कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट संदेश है कि युद्ध नहीं, बल्कि शांति और संवाद ही इस संकट का स्थायी समाधान है।

