Petrol Diesel Excise Duty: सरकार ने घटाई एक्साइज ड्यूटी, क्या सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?

भारत सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती की। जानें प्रति लीटर कितनी कम हुई ड्यूटी, क्या सस्ते होंगे दाम और इसका आम जनता पर क्या असर पड़ेगा।

नई दिल्ली | 26 मार्च 2026 :मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच Narendra Modi की अगुवाई वाली भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती का ऐलान किया है। इस कदम का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के प्रभाव को कम करना है।

कितनी घटी एक्साइज ड्यूटी?

  • सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार:
  • पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी: ₹13 प्रति लीटर से घटाकर ₹3 प्रति लीटर

डीजल पर एक्साइज ड्यूटी: ₹10 प्रति लीटर से घटाकर ₹0

यह फैसला US-Iran conflict और Strait of Hormuz में जारी तनाव के चलते लिया गया है, जहां से दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल और गैस सप्लाई होती है।

ATF पर पहली बार स्पेशल टैक्स

सरकार ने पहली बार Aviation Turbine Fuel (ATF) पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी लागू की है:

  • तय दर: ₹50 प्रति लीटर
  • प्रभावी दर (छूट के बाद): ₹29.5 प्रति लीटर

इसका असर एयरलाइंस की लागत और हवाई टिकट के किराए पर पड़ सकता है।

तेल कंपनियों को राहत

सरकार के इस फैसले से घरेलू तेल कंपनियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है:

  • पेट्रोल पर टैक्स शून्य रखा गया
  • डीजल पर ₹18.5 प्रति लीटर की दर तय
  • विंडफॉल टैक्स (2022) समाप्त किया गया
  • निर्यात शुल्क में भी छूट दी गई

ये सभी बदलाव 26 मार्च 2026 से लागू हो चुके हैं।

क्या आम जनता को मिलेगा फायदा?

हालांकि एक्साइज ड्यूटी में कटौती के बावजूद पेट्रोल-डीजल के दाम तुरंत कम होने की संभावना कम है।

कारण:

  • कच्चे तेल की कीमत $100 प्रति बैरल से ऊपर
  • तेल कंपनियों को प्रति लीटर लगभग ₹48.8 का नुकसान
  • सरकार की राहत पहले कंपनियों के घाटे को कम करेगी

सरकार का यह कदम ऊर्जा संकट के बीच राहत देने वाला जरूर है, लेकिन इसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं तक तुरंत पहुंचना मुश्किल दिख रहा है। फिलहाल यह कदम तेल कंपनियों के नुकसान को संतुलित करने और सप्लाई चेन को स्थिर रखने के लिए अहम माना जा रहा है।