भारत के खिलाफ साजिश की तैयारी में पाकिस्तान! ऑपरेशन सिंदूर के बाद घाटी में बढ़ी आतंकी हलचल – खुफिया रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन सर्दियों से पहले जम्मू-कश्मीर में बड़े हमलों की तैयारी कर रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद एक्टिव आतंकियों की संख्या बढ़कर 131 हो गई है। खुफिया रिपोर्ट में मूविंग व्हीकल IED हमलों की बड़ी चेतावनी।

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद एक बार फिर सिर उठाता दिख रहा है। खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी जारी की है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन सर्दियों की शुरुआत से पहले बड़े हमलों की तैयारी कर रहे हैं। इनपुट्स के अनुसार आतंकवादी दिल्ली-स्टाइल मूविंग व्हीकल IED का इस्तेमाल कर सुसाइड बम धमाकों की योजना बना रहे हैं, जिनका टारगेट आम नागरिक और सुरक्षा बल होंगे।

ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम हमले के बाद आतंकियों की संख्या बढ़कर 131

सिक्योरिटी अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान और POK में आतंकी कैंप तबाह होने के बावजूद घाटी में एक्टिव आतंकियों की संख्या बढ़ गई है।

  • पहले सिर्फ 59 पाकिस्तानी आतंकी एक्टिव थे
  • अब यह आंकड़ा बढ़कर 122 पाकिस्तानी + 9 स्थानीय = कुल 131 हो गया है

इंटेलिजेंस इनपुट्स बताते हैं कि स्थानीय आतंकवाद लगभग खत्म हो चुका था, लेकिन पाकिस्तान समर्थित ग्रुप्स नए फॉरेन फाइटर्स को घुसपैठ कराकर आतंक नेटवर्क को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं।

पहलगाम हमला बदल गया गेम

खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, मार्च 2025 तक घाटी में केवल 59 पाकिस्तानी आतंकी सक्रिय थे। इनमें—

  • 21 जैश-ए-मोहम्मद
  • 21 लश्कर-ए-तैयबा
  • 3 हिज्ब-उल-मुजाहिदीन
  • 14 विभिन्न छोटे संगठनों से जुड़े आतंकी

लेकिन पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान समर्थित ग्रुप्स TRF और PAFF ने नई घुसपैठ कराकर संख्या बढ़ा दी।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया:

“लोकल OGW नेटवर्क लगभग खत्म हो चुका है, लेकिन अब विदेशी आतंकियों का नया नेटवर्क विकसित हो गया है, जिसकी पहचान करना अभी चुनौती बना हुआ है।”

2023–2024 में कितने आतंकी मारे गए?

सुरक्षा बलों के डेटा के अनुसार:

✔ 2024 — 61 आतंकी ढेर
✔ 2023 — 60 आतंकी ढेर

इनमें—

  • 45 आतंकी घाटी में एनकाउंटर व ऑपरेशन में मारे गए
  • 16 आतंकी LoC पर घुसपैठ की कोशिश में मार गिराए गए
  • मारे गए आतंकियों में 21 पाकिस्तानी नागरिक शामिल थे
  • इसी दौरान 28 आम नागरिक और 16 सुरक्षा बलों के जवान भी शहीद हुए

व्हाइट कॉलर जैश मॉड्यूल: सबसे बड़ा नया खतरा

ऑपरेशन सिंदूर के बाद 12 बड़े आतंकी मारे गए (6 पाकिस्तानी + 6 स्थानीय), लेकिन इससे एक नया खतरा सामने आया है—

व्हाइट कॉलर जैश मॉड्यूल, जो आम लोगों में घुल-मिलकर काम करता है और सिस्टम में आसानी से प्रवेश कर सकता है।

दिल्ली ब्लास्ट के बाद J&K, दिल्ली, हरियाणा और यूपी में फैले इस नेटवर्क पर कार्रवाई की गई है, लेकिन एजेंसियां अभी भी मॉड्यूल के वास्तविक आकार और गहराई का पता लगाने में जुटी हैं।

स्पष्ट है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन फिर से जम्मू-कश्मीर में हिंसा फैलाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि आने वाले महीनों में IED आधारित आत्मघाती हमलों और घुसपैठ प्रयासों में वृद्धि हो सकती है। भारत की “ज़ीरो टेरर” नीति ने आतंकियों पर दबाव बनाया है, लेकिन विदेशी आतंकियों की नई घुसपैठ ने चुनौती बढ़ा दी है।