ऑपरेशन सिंदूर में मसूद अजहर के परिवार का अंत, जैश कमांडर ने किया बड़ा खुलासा

नई दिल्ली: आतंकवाद के खिलाफ भारत की सर्जिकल कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर पर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। कुख्यात आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर मसूद इलियास ने कैमरे पर स्वीकार किया है कि इस ऑपरेशन में न केवल जैश की कमर तोड़ी गई थी, बल्कि मसूद अजहर के परिवार के कई सदस्य भी मारे गए थे।

इलियास के इस कबूलनामे ने भारत के दावे पर मुहर लगा दी है। दरअसल, अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। उस समय ही खुफिया सूत्रों से खबर आई थी कि मसूद अजहर का परिवार इस ऑपरेशन में मारा गया। लेकिन अब जैश के ही वरिष्ठ आतंकी के इस बयान ने पूरी सच्चाई सामने ला दी।

ऑपरेशन सिंदूर – कैसे चला भारतीय वायुसेना का प्रहार

7 मई की रात 1:05 बजे भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और PoK में फैले नौ आतंकी ठिकानों पर जबर्दस्त एयरस्ट्राइक की। इनमें जैश, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख कैंप शामिल थे।

चार ठिकाने पाकिस्तान के सियालकोट, मुरिदके और बहावलपुर में स्थित थे।

पांच ठिकाने पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) में सक्रिय थे।

जैश का सबसे बड़ा मुख्यालय बहावलपुर के “मार्काज सुब्हान अल्लाह कॉम्प्लेक्स” पर भी मिसाइल हमले किए गए। यही वह जगह थी जहां युवाओं को आतंकी ट्रेनिंग दी जाती थी और कट्टरपंथी शिक्षा दी जाती थी।

मसूद अजहर के परिवार का सफाया

मसूद इलियास ने माना कि बहावलपुर मुख्यालय पर हमले में मसूद अजहर के 10 करीबी परिजन और 4 सहयोगी मारे गए।
मारे गए लोगों में शामिल थे:

मसूद अजहर की बहन

बहन का पति

कई बच्चे

अन्य रिश्तेदार और सहयोगी

पाकिस्तानी मीडिया ने शुरुआत में 14 मौतों की खबर दी थी, लेकिन बाद में खुद मसूद अजहर ने पुष्टि की कि उसका पूरा परिवार मारा गया है।

पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद को बड़ा झटका

इलियास का कबूलनामा पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। मसूद अजहर लंबे समय से भारत के लिए खतरा रहा है।

उसने 2000 में जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना की।

2001 का संसद हमला, 2008 का मुंबई हमला, 2016 का पठानकोट एयरबेस हमला और 2019 का पुलवामा हमला उसी की साजिशों का हिस्सा रहे।

संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी उसे पहले ही ग्लोबल टेररिस्ट घोषित कर रखा है।

1999 का काला अध्याय और आज का प्रहार

याद दिला दें कि 1999 में आईसी-814 विमान अपहरण के बाद भारत को मसूद अजहर को रिहा करना पड़ा था। उसी घटना के बाद उसने पाकिस्तान लौटकर आतंक का साम्राज्य खड़ा किया। उसके भाई अब्दुल रऊफ अजहर और अन्य रिश्तेदार भी आतंकवादी गतिविधियों में शामिल रहे।

लेकिन ऑपरेशन सिंदूर ने इन नेटवर्क्स की रीढ़ तोड़ दी। इस ऑपरेशन में अजहर का पूरा परिवार, उसके भरोसेमंद सहयोगी और कई बड़े आतंकी मारे गए। इनमें हाफिज मुहम्मद जमील और मोहम्मद यूसुफ अजहर जैसे नाम भी शामिल हैं।

नतीजा – भारत की निर्णायक कार्रवाई

भारतीय वायुसेना की इस कार्रवाई ने पाकिस्तान को साफ संदेश दिया कि भारत अपने नागरिकों और सैनिकों पर हमले बर्दाश्त नहीं करेगा। ऑपरेशन सिंदूर न केवल मसूद अजहर और उसके नेटवर्क के लिए विनाशकारी साबित हुआ, बल्कि इसने पाकिस्तान की आतंक पर आधारित रणनीति को भी गहरा आघात पहुंचाया।

जैश कमांडर मसूद इलियास का वीडियो बयान इस बात का सबूत है कि भारत की जवाबी कार्रवाई कितनी घातक और सटीक रही।