पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर सीएम उमर अब्दुल्ला ने पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि ऐसे हमले दोबारा नहीं होने दिए जाएंगे।
श्रीनगर/पहलगाम | विशेष रिपोर्ट : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर राज्य के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने भावुक बयान देते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने का संकल्प दोहराया।
उन्होंने कहा कि यह दिन आज भी लोगों के लिए बेहद भारी है और पूरे जम्मू-कश्मीर के लिए एक दुखद याद बनकर रह गया है।
🕯️ “आज भी गम में शामिल हैं हम”
Omar Abdullah ने कहा:
“हम आज भी उन परिवारों के गम में शामिल हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया। वे लोग छुट्टियां मनाने आए थे, लेकिन आतंकियों ने उन्हें निशाना बनाकर उनकी जान ले ली।”
उन्होंने इस घटना में मारे गए सभी निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
🚫 “ऐसे हमले दोबारा नहीं होने देंगे”
मुख्यमंत्री ने सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा:
“हमारी पूरी कोशिश है कि इस तरह के हादसे दोबारा न हों। हम सब मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि जम्मू-कश्मीर में शांति बनी रहे।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
🇵🇰 पाकिस्तान पर कड़ा संदेश
पाकिस्तान का जिक्र करते हुए Omar Abdullah ने कहा:
“अगर पाकिस्तान चाहे भी, तो हम ऐसे हमलों को होने की इजाजत नहीं देंगे। हमारी प्राथमिकता है कि हालात सामान्य और सुरक्षित बने रहें।”
यह बयान सीमा पार से आतंकवाद को लेकर सरकार की सख्त नीति को दर्शाता है।
🧳 पर्यटन पर असर, लेकिन उम्मीद बरकरार
पहलगाम हमले के बाद पर्यटन पर पड़े असर को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा:
पिछले साल के मुकाबले थोड़ा असर पड़ा है
लेकिन धीरे-धीरे स्थिति सुधर रही है
आने वाले सीजन में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद
उन्होंने बताया कि श्रद्धालु Amarnath Temple और Vaishno Devi Temple के दर्शन के लिए लगातार आ रहे हैं।
🌍 ईरान-अमेरिका तनाव पर भी जताई चिंता
वैश्विक मुद्दों पर बोलते हुए Omar Abdullah ने Iran और United States के बीच चल रहे तनाव पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा:
“हम चाहते हैं कि यह जंग खत्म हो। इसका असर हर देश पर पड़ रहा है—तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और सप्लाई प्रभावित हो रही है।”
📊 निष्कर्ष: सुरक्षा, शांति और भरोसे की चुनौती
पहलगाम हमले की बरसी पर दिया गया यह बयान साफ करता है कि जम्मू-कश्मीर सरकार अब सुरक्षा और स्थिरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
Omar Abdullah का यह संदेश न सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए, बल्कि देश और दुनिया के लिए भी है—कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी और शांति बहाल करने की हर संभव कोशिश की जाएगी।

