Mirzapur Train Accident: मिर्जापुर के चुनार रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा, कई लोगों की दर्दनाक मौत

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में बुधवार (5 नवंबर) को चुनार रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा रेल हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार, कालका-हावड़ा एक्सप्रेस की चपेट में आने से कई लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद रेलवे स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है।

CM योगी ने जताई संवेदना, दिए राहत कार्य तेज करने के निर्देश
हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जाहिर की। उन्होंने प्रशासन और आपदा राहत टीमों को तुरंत मौके पर पहुंचने और तेजी से राहत कार्य चलाने के निर्देश दिए। साथ ही घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। सीएम ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की है।

कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए बड़ी संख्या में लोग चुनार पहुंचे थे। चोपन-चुनार पैसेंजर ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर रुकी, जिसके बाद यात्री प्लेटफॉर्म पार करने की बजाय रेलवे लाइन पार करते हुए प्लेटफॉर्म नंबर-1 की तरफ जाने लगे। उसी दौरान तेज रफ्तार में कालका-हावड़ा एक्सप्रेस वहां से गुज़री और कई लोग पटरियों पर ही उसकी चपेट में आ गए।

कहा जा रहा है कि हादसा इतना भयंकर था कि कई लोगों के शव क्षत-विक्षत हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि भीड़ अधिक होने के कारण कई लोग जल्दबाजी में गलत दिशा से उतर गए, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ।

रेलवे का बयान
रेलवे प्रशासन ने इसे Man Run Over (MRO) यानी व्यक्ति के ट्रेन की चपेट में आने का मामला बताया है। अब तक 4 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की गई है, हालांकि मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। रेलवे ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।

स्टेशन परिसर में सुरक्षा बढ़ाई गई
हादसे के बाद स्टेशन पर अतिरिक्त पुलिस बल, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं। भीड़ को नियंत्रित करने और राहत कार्य को सुचारू रखने के लिए प्रशासन मुस्तैद है।

कार्तिक पूर्णिमा पर बढ़ी थी भीड़
दरअसल, गंगा स्नान के लिए हजारों श्रद्धालु इस दिन चुनार पहुंचते हैं। भीड़ अधिक होने और व्यवस्था के अभाव में कई लोग जोखिम उठाकर रेलवे ट्रैक से गुजरते हैं, जिससे यह दुखद घटना हुई।

यह हादसा एक बार फिर रेलवे परिसरों में सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यात्रियों की जागरूकता की जरूरत को उजागर करता है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मृतकों के पहचान की प्रक्रिया जारी है।