Kazem Gharibabadi India Visit: भारत के समर्थन में ईरान का बड़ा बयान, पाकिस्तान को लग सकता है झटका

ईरान के उप विदेश मंत्री काजिम गरीबाबादी ने भारत की शांति पहल का समर्थन किया। BRICS बैठक, पाकिस्तान की मध्यस्थता, होर्मुज संकट और चाबहार पोर्ट पर ईरान ने दिए बड़े बयान।

ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने भारत दौरे के दौरान ऐसा बयान दिया है, जिससे पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ सकती है। नई दिल्ली पहुंचते ही उन्होंने साफ कहा कि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता कायम करने के लिए भारत जो भी पहल करेगा, ईरान उसका स्वागत करेगा।

ईरानी नेता का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर वैश्विक चिंता बनी हुई है। भारत इस पूरे संकट के बीच संतुलित कूटनीतिक भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।

भारत की भूमिका पर ईरान का भरोसा

नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान काजिम गरीबाबादी ने कहा कि भारत हमेशा शांति और स्थिरता का समर्थक रहा है। उन्होंने कहा कि भारत जैसी बड़ी शक्ति अगर क्षेत्रीय शांति के लिए कोई पहल करती है, तो ईरान उसका पूरा समर्थन करेगा।

उन्होंने कहा,
“भारत जो भी शांति पहल करेगा, हम उसका स्वागत करेंगे। भारत ने हमेशा संतुलित और निष्पक्ष भूमिका निभाई है।”

ईरान के इस बयान को भारत की बढ़ती वैश्विक साख और पश्चिम एशिया में उसके प्रभाव के तौर पर देखा जा रहा है।

BRICS बैठक से पहले बड़ा संकेत

गरीबाबादी का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब भारत BRICS देशों की महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी करने जा रहा है। बैठक में S. Jaishankar समेत कई बड़े नेता शामिल होंगे।

ईरानी उप विदेश मंत्री ने दावा किया कि BRICS के एक सदस्य देश ने ईरान की निंदा करने की मांग की थी, जिसकी वजह से संगठन पश्चिम एशिया संकट पर एकमत नहीं हो पाया। हालांकि उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा संयुक्त अरब अमीरात की ओर माना जा रहा है।

उन्होंने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि BRICS अध्यक्ष के रूप में भारत ने निष्पक्षता दिखाई है और संगठन को एकजुट रखने की कोशिश की है।

पाकिस्तान की मध्यस्थता पर क्या बोला ईरान?

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता को लेकर पूछे गए सवाल पर गरीबाबादी ने कहा कि पाकिस्तान केवल मध्यस्थ की भूमिका में है और ईरान हर उस कोशिश का स्वागत करेगा, जो शांति की दिशा में हो।

हालांकि भारत को लेकर उनके सकारात्मक बयान को पाकिस्तान के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है, क्योंकि ईरान ने खुलकर भारत की भूमिका पर भरोसा जताया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का बड़ा बयान

ईरानी नेता ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ईरान पर लगाए गए प्रतिबंध हटाता है, युद्ध खत्म करता है और जब्त संपत्तियां लौटाता है, तो ईरान होर्मुज मार्ग खोलने पर विचार कर सकता है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि कई भारतीय जहाजों को पहले ही होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी जा चुकी है और भविष्य में भी भारत के साथ सहयोग जारी रहेगा।

चाबहार पोर्ट परियोजना पर भी चर्चा

ईरान ने भारत की महत्वपूर्ण Chabahar Port परियोजना को लेकर भी प्रतिबद्धता जताई। गरीबाबादी ने कहा कि ईरान इस परियोजना को आगे बढ़ाना चाहता है, हालांकि अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते आगे की रणनीति तय करना भारत पर निर्भर करेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि चाबहार पोर्ट भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है, क्योंकि इससे मध्य एशिया और अफगानिस्तान तक भारत की पहुंच मजबूत होती है।

पश्चिम एशिया संकट पर बढ़ी दुनिया की चिंता

ईरान-अमेरिका तनाव और होर्मुज संकट का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जिससे भारत समेत कई देशों की चिंता बढ़ी हुई है।

ऐसे में भारत की कूटनीतिक सक्रियता और संतुलित भूमिका को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अहम माना जा रहा है।