ईरान ने जंग के बीच भारत की कूटनीति की तारीफ की। जानें क्यों भारत को संकट में बड़ी भूमिका निभाने वाला देश माना जा रहा है और होर्मुज संकट का क्या असर पड़ेगा।
नई दिल्ली/तेहरान: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच भारत की कूटनीति को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। ईरान ने खुलकर भारत की विदेश नीति और संतुलित रुख की सराहना की है और कहा है कि भारत इस संकट में “बड़ी और सकारात्मक भूमिका” निभा सकता है।
जंग के बीच भारत की बढ़ी अहमियत
ईरान के सुप्रीम लीडर के भारत में प्रतिनिधि अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने भारत की डिप्लोमैटिक क्षमता की तारीफ करते हुए कहा कि भारत इस संघर्ष को कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने कहा, “इंडियन डिप्लोमेसी बहुत अच्छी है और वे इस मुद्दे में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब Donald Trump ने ईरान को Strait of Hormuz खोलने के लिए अल्टीमेटम दिया है।
ईरान ने पहले भी की थी भारत की सराहना
ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने भी हाल ही में भारत की संतुलित विदेश नीति की तारीफ की थी।
उन्होंने कहा कि भारत:
- तनाव कम करने में मदद कर सकता है
- बातचीत को आगे बढ़ाने में सक्षम है
- वैश्विक मंच पर एक भरोसेमंद मध्यस्थ बन सकता है
उच्च स्तर पर जारी है कूटनीतिक संवाद
ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar से फोन पर बातचीत की।
इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि:
- अमेरिका और इजरायल औद्योगिक ढांचे और नागरिक इलाकों को निशाना बना रहे हैं
- इस संघर्ष का असर पूरे क्षेत्र और वैश्विक स्थिरता पर पड़ सकता है
होर्मुज संकट ने बढ़ाई वैश्विक चिंता
फारस और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित Strait of Hormuz को ईरान द्वारा बंद किए जाने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ा है।
- दुनिया के तेल और गैस सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है
- ईरान ने अमेरिका-इजरायल से जुड़े जहाजों को रोकने की चेतावनी दी है
- इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल-गैस की कीमतें बढ़ रही हैं
🇮🇳 भारत पर क्या असर?
पश्चिम एशिया भारत के लिए ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है। ऐसे में:
- कच्चे तेल और एलपीजी सप्लाई पर असर पड़ सकता है
- उर्वरक और औद्योगिक लागत बढ़ सकती है
- महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका है
भारत लगातार कूटनीतिक स्तर पर प्रयास कर रहा है कि:
- युद्ध जल्द खत्म हो
- होर्मुज मार्ग फिर से खुले
- ऊर्जा आपूर्ति बाधित न हो
क्यों अहम है भारत की भूमिका?
भारत का संतुलित और गैर-पक्षपाती रुख उसे इस संकट में एक संभावित मध्यस्थ बनाता है।
- अमेरिका और ईरान दोनों से संवाद
- वैश्विक मंचों पर मजबूत उपस्थिति
- ऊर्जा और व्यापार हितों का संतुलन
निष्कर्ष
ईरान द्वारा भारत की कूटनीति की खुली तारीफ यह दर्शाती है कि वैश्विक संकट के इस दौर में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। यदि हालात इसी तरह बने रहते हैं, तो भारत आने वाले समय में इस संघर्ष को कम करने में एक अहम कड़ी साबित हो सकता है।

