अमेरिकी फेडरल कोर्ट ने गौतम अदाणी के खिलाफ चल रहे कथित रिश्वत और धोखाधड़ी के आपराधिक मामले को खारिज कर दिया। जानिए कोर्ट का फैसला, आरोप, न्याय विभाग की दलीलें और गौतम अदाणी की पहली प्रतिक्रिया।
नई दिल्ली: भारतीय उद्योगपति गौतम अदाणी को अमेरिका से बड़ी कानूनी राहत मिली है। अमेरिका की एक फेडरल अदालत ने उनके खिलाफ चल रहे कथित रिश्वत (Bribery) और धोखाधड़ी (Fraud) से जुड़े आपराधिक मामले को खारिज कर दिया है। यह वही मामला था, जिसे लेकर नवंबर 2024 में अदाणी समूह और उसके कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। अब अमेरिकी अदालत के फैसले के बाद यह आपराधिक मुकदमा आगे नहीं चलेगा।
क्या थे गौतम अदाणी पर आरोप?
नवंबर 2024 में अमेरिकी अभियोजन पक्ष ने गौतम अदाणी, उनके भतीजे सागर अदाणी और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप था कि भारत में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स से जुड़े ठेके हासिल करने के लिए कथित तौर पर भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने की योजना बनाई गई।
अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया था कि अमेरिकी निवेशकों से फंड जुटाने के दौरान कथित रिश्वत से जुड़ी जानकारी छिपाई गई और भ्रामक सूचनाएं दी गईं। अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला लगभग 250 मिलियन डॉलर की कथित रिश्वत से जुड़ा था। हालांकि, गौतम अदाणी और अदाणी समूह ने शुरुआत से ही इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज किया था।
अमेरिकी अदालत ने क्या फैसला सुनाया?
10 अगस्त 2026 को अमेरिका के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क की फेडरल अदालत के न्यायाधीश निकोलस गराउफिस ने मामले को खारिज करने की अनुमति दे दी। अदालत के इस आदेश के बाद गौतम अदाणी के खिलाफ अमेरिका में चल रहा आपराधिक मुकदमा समाप्त हो गया है।
न्याय विभाग ने केस वापस लेने की क्या वजह बताई?
अमेरिकी न्याय विभाग ने अदालत को बताया कि इस मामले को आगे बढ़ाना व्यावहारिक रूप से कठिन था। विभाग के अनुसार:
- अधिकांश सबूत और गवाह भारत में मौजूद थे।
- आरोपियों का अमेरिका से बाहर होना और अदालत में पेश न होना भी एक बड़ी चुनौती थी।
- अभियोजन जारी रखने में सरकारी संसाधनों का उपयोग उचित नहीं माना गया।
इन कारणों के आधार पर न्याय विभाग ने अपने अभियोजन विवेकाधिकार (Prosecutorial Discretion) का इस्तेमाल करते हुए मामला वापस लेने का निर्णय लिया।
जज ने न्याय विभाग पर भी उठाए सवाल
गौरतलब है कि जून 2026 में जब अमेरिकी न्याय विभाग ने केस वापस लेने की मांग की थी, तब अदालत ने तत्काल मंजूरी नहीं दी थी। न्यायाधीश ने सरकार से इस फैसले के पीछे के कारण स्पष्ट करने को कहा था।
मामला खारिज करते समय भी अदालत ने न्याय विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के रवैये पर टिप्पणी की। हालांकि, इन टिप्पणियों का गौतम अदाणी के खिलाफ लगे आरोपों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा और अदालत ने आपराधिक मामला समाप्त कर दिया।
फैसले के बाद गौतम अदाणी की पहली प्रतिक्रिया
अमेरिकी अदालत के फैसले के बाद गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि वह इस निर्णय का स्वागत करते हैं और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति उनका सम्मान पहले की तरह कायम है।
उन्होंने कहा कि कठिन समय में भी उनका सच्चाई, निष्पक्षता और कानून के शासन पर भरोसा अटूट रहा। अदाणी ने उन सभी लोगों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने उन पर, न्याय व्यवस्था पर और भारत की क्षमता पर विश्वास बनाए रखा।
उन्होंने आगे कहा कि उनका लक्ष्य देश के विकास में योगदान देना, दीर्घकालिक मूल्य निर्माण करना और स्वयं से बड़े उद्देश्य के लिए कार्य करना है।

