दिल्ली ब्लास्ट केस में नया खुलासा — फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़े मौलवी इरफान अहमद और हाफिज इश्तियाक से आतंकी साजिश का पर्दाफाश। घर से 2,500 किलो विस्फोटक बरामद, अल फलाह यूनिवर्सिटी की भूमिका जांच के दायरे में।
नई दिल्ली, 11 नवंबर 2025 | Digital Desk: दिल्ली में लाल किले के पास हुए धमाके के बाद जांच एजेंसियों को अब फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़ा एक और बड़ा आतंकी नेटवर्क हाथ लगा है। अब तक डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद, मौलवियों (धार्मिक शिक्षकों) की भूमिका भी इस साजिश में सामने आई है। जांच एजेंसियों ने इरफान अहमद और हाफिज मोहम्मद इश्तियाक नाम के दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
डॉक्टर्स के बाद मौलवियों का नाम आया सामने
जांच में पता चला है कि फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़े सात संदिग्धों में से एक इरफान अहमद, डॉक्टर नहीं बल्कि इमाम (मौलवी) है।
इरफान जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले का रहने वाला है, और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए सात आतंकियों में शामिल है।
सूत्रों के मुताबिक, इरफान जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गज़वत-उल-हिंद (AGuH) जैसे संगठनों से संपर्क में था।
दूसरी ओर, फरीदाबाद में गिरफ्तार मौलवी हाफिज मोहम्मद इश्तियाक से भी पूछताछ जारी है।
फरीदाबाद से श्रीनगर तक फैला आतंकी नेटवर्क
दिल्ली ब्लास्ट केस के बाद एनआईए और राज्य पुलिस की संयुक्त टीमों ने फरीदाबाद, लखनऊ, सहारनपुर और श्रीनगर में सर्च ऑपरेशन चलाए हैं।
फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी में कई छात्रों, स्टाफ और प्रशासनिक अधिकारियों से पूछताछ हुई है।
सूत्रों ने बताया कि डॉ. मुजम्मिल गनई को जानने वाले लगभग 52 लोगों से एजेंसियां पूछताछ कर चुकी हैं।
हरियाणा के मेवात से गिरफ्तार मौलवी इश्तियाक
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बुधवार को हरियाणा के मेवात जिले से एक और मौलवी हाफिज मोहम्मद इश्तियाक को हिरासत में लिया।
वह फरीदाबाद के अल फलाह यूनिवर्सिटी परिसर के पास किराए के मकान में रह रहा था।
छापेमारी के दौरान वहां से 2,500 किलो से अधिक अमोनियम नाइट्रेट, पोटेशियम क्लोरेट और सल्फर बरामद किए गए।
सूत्रों का कहना है कि इश्तियाक को जल्द ही औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया जाएगा।
अगर गिरफ्तार किया जाता है, तो मौलवी इश्तियाक इस मामले में 9वां आरोपी होगा।
‘सफेदपोश’ आतंक का नेटवर्क
10 नवंबर को जम्मू-कश्मीर पुलिस, हरियाणा पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस ने मिलकर जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गज़वत-उल-हिंद (AGuH) के “सफेदपोश” नेटवर्क का पर्दाफाश किया था।
इस नेटवर्क में उच्च शिक्षित युवा, डॉक्टर, और धार्मिक नेता शामिल थे — जो भारत-विरोधी गतिविधियों को वैचारिक समर्थन और संसाधन प्रदान कर रहे थे।
मौलवी के घर से बरामद विस्फोटक और कनेक्शन
जांच में खुलासा हुआ है कि मौलवी हाफिज मोहम्मद इश्तियाक के घर में रखे गए विस्फोटक डॉ. मुजम्मिल गनई (उर्फ मुसैब) और डॉ. उमर नबी ने रखे थे।
यही डॉ. उमर नबी वह व्यक्ति था, जो उस Hyundai i20 कार को चला रहा था, जिसमें लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास धमाका हुआ था।
इस धमाके में 12 लोगों की मौत हुई थी और कई गंभीर रूप से घायल हुए थे।
एजेंसियों की सर्च और इंटरोगेशन जारी
एनआईए, आईबी और दिल्ली पुलिस की टीमें लगातार पूछताछ कर रही हैं।
जांच एजेंसियां मौलवियों और डॉक्टरों के बीच फंडिंग, नेटवर्किंग और सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथ फैलाने की साजिश को ट्रैक कर रही हैं।
साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी या उसके संसाधनों का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए किया गया था या नहीं।

