यद्यपि भारत में प्राचीन काल से ही विधि की सर्वोच्चता रही है। सुदृढ़ गुप्तचर सेवा
विज्ञान और प्रौद्योगिकी की कोख से ही नई भोगवादी सभ्यता का जन्म हुआ है, उसने
इंसान जब पैदा होता है तो उसके पास केवल पेट और मुंह नहीं बल्कि उसके
युग पर युग बदले, सोच-विचार बदले, समय ने करवट ली, विकास और तरक्की आसमां छूने
भ्रष्टाचार ने जिस प्रकार से हमारी पूरी व्यवस्था को जकड़ लिया है और यह पूरी
26 जनवरी 1950 का दिन स्वतंत्र राष्ट्र का उदय उसकी संकल्प सिद्धि का दिवस था।
पत्रकारों से वार्ता के दौरान उत्तर प्रदेश के श्री राज्यपाल महोदय ने कहा कि ‘‘ईवीएम
भारतीय समाज में अश्लीलता सदियों से व्याप्त रही है। जिसको भिन्न-भिन्न रूपों में परिभाषित किया
‘बेटी’ शब्द जिसका नाम सुनते ही अधिकांश लोगों के चेहरे की हवाईयां उड़ जाती हैं,
देश और जनता की हालत से मैं दुखी हूं। इसलिए आपके बीच आया हूं। अब
