बिहार चुनाव 2025: NDA में सीट बंटवारे पर मचा घमासान — नीतीश-चिराग के बीच तालमेल बिगड़ा, JDU में मंथन जारी

बिहार विधानसभा चुनाव नज़दीक आते ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर सीट बंटवारे को लेकर नई खींचतान शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व में बने इस गठबंधन में अब जनता दल यूनाइटेड (JDU) और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) [LJP (R)] के बीच सीटों को लेकर विवाद बढ़ गया है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और चिराग पासवान के बीच कई सीटों को लेकर असहमति बनी हुई है, जिसके कारण गठबंधन के भीतर हलचल तेज हो गई है।

NDA का सीट बंटवारा: कौन कितनी सीटों पर लड़ेगा?

बीते दिनों NDA ने बिहार चुनाव के लिए सीटों का बंटवारा लगभग तय कर लिया था:

भारतीय जनता पार्टी (BJP) – 101 सीटें

जनता दल यूनाइटेड (JDU) – 101 सीटें

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) – 29 सीटें

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्यूलर) – 6 सीटें

राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) – 6 सीटें

लेकिन इस बंटवारे के बाद भी विवाद शांत नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि JDU की कुछ परंपरागत सीटें LJP (R) के खाते में चली गई हैं, जिससे नीतीश कुमार खासे नाराज़ हैं।

जदयू की नाराज़गी और मुख्यमंत्री आवास में मंथन

सूत्रों के अनुसार, JDU का मानना है कि पार्टी को “बड़े भाई” की भूमिका में रहना चाहिए थी, लेकिन इस बार सीटों का बंटवारा बराबर कर दिए जाने से असंतोष है।
इसी को लेकर पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पर नीतीश कुमार की अध्यक्षता में JDU की अहम बैठक हुई। इस बैठक में उन सीटों की समीक्षा की गई जिन पर विवाद बना हुआ है, साथ ही गठबंधन के भीतर मतभेद सुलझाने की रणनीति पर चर्चा हुई।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि नीतीश कुमार ने अपने करीबी नेताओं से कहा है कि “हम समझौता चाहते हैं, लेकिन सम्मान के साथ।”

BJP के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान की बैठक

दूसरी ओर, पटना में बीजेपी के एमएलसी फ्लैट पर मंगलवार (14 अक्टूबर) को पार्टी के शीर्ष नेताओं की बैठक हुई। इसमें चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
बैठक में सीटों पर अटकी बातों को सुलझाने की कोशिश की गई। सूत्रों का कहना है कि बीजेपी नेतृत्व इस विवाद को शांत कराने के लिए “डैमेज कंट्रोल मोड” में है।

चिराग पासवान का सख्त रुख

LJP (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगातार दावा किया है कि

“बातचीत पूरी हो चुकी है, और LJP (रामविलास) 29 सीटों से कम पर किसी भी हाल में चुनाव नहीं लड़ेगी।”

सूत्रों के मुताबिक, चिराग पासवान अपने कोटे की किसी सीट को किसी अन्य सहयोगी दल के साथ साझा करने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि पार्टी “एक भी सीट कम नहीं करेगी।”

वहीं, जदयू इस बात से असहज है कि उसकी कुछ सीटें चिराग पासवान के खाते में चली गई हैं। JDU इन सीटों को वापस पाने की कोशिश में है।

बीजेपी का बयान — “NDA पूरी तरह एकजुट”

हालांकि इन सबके बीच उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किसी भी मतभेद की बात से इनकार किया है। उन्होंने कहा:

“नीतीश जी के नेतृत्व में पूरा एनडीए एकजुट है। बैठकें चल रही हैं, सीट बंटवारे की प्रक्रिया जारी है। अगले कुछ घंटों में स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी।”

बीजेपी का दावा है कि सभी दलों के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है, और जल्द ही उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी जाएगी।

सूत्रों की मानें तो…

NDA में सीट बंटवारे को लेकर अंतिम रूप दिल्ली में उच्च स्तरीय बैठक के बाद दिया जाएगा।

जदयू ने संकेत दिए हैं कि वह अपने कुछ अहम सीटों पर “कोई समझौता” नहीं करेगी।

LJP (रामविलास) अपने कोटे की सीटों पर “पूरी मजबूती से चुनाव” लड़ने की तैयारी में है।

आगे की राह

अब सबकी नज़रें दिल्ली में होने वाली NDA की निर्णायक बैठक पर टिकी हैं, जहां अंतिम सीटों की सूची पर मुहर लगनी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह विवाद समय रहते सुलझा नहीं, तो इसका असर चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है।

बिहार NDA में फिलहाल सब कुछ ठीक नहीं दिख रहा। सीटों के बंटवारे को लेकर जदयू और LJP (रामविलास) के बीच जो खींचतान चल रही है, वह गठबंधन के लिए एक चुनौती बनती जा रही है। हालांकि बीजेपी इसे शांतिपूर्वक सुलझाने की कोशिश में है, लेकिन यह साफ है कि 2025 का चुनाव नीतीश और चिराग के रिश्तों की असली परीक्षा साबित होने जा रहा है।