अंतरराष्ट्रीय डेस्क | आज की आवाज: US-Iran War Latest News: अमेरिका ने ईरान के 6 सैन्य ठिकानों पर 5 घंटे तक हमला किया। ईरान ने अमेरिकी MQ-1 ड्रोन मार गिराने और बहरीन स्थित अमेरिकी बेस पर जवाबी कार्रवाई का दावा किया। युद्ध के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है। दोनों देशों के बीच बढ़ते टकराव ने पूरे मध्य-पूर्व में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर लगभग पांच घंटे तक सटीक हवाई अभियान चलाया। वहीं ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने और अमेरिका के MQ-1 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है।
इस संघर्ष का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 2 प्रतिशत तक उछाल दर्ज किया गया है।
अमेरिका ने 6 से अधिक सैन्य ठिकानों पर चलाया ऑपरेशन
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, 13 जुलाई की रात शुरू हुआ ऑपरेशन लगभग पांच घंटे तक चला। इस दौरान अमेरिकी सेना ने ईरान के बुशेहर, चाबहार, जास्क, कोनारक, अबू मूसा और बंदर अब्बास सहित कई रणनीतिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल लॉन्चिंग साइट्स, ड्रोन बेस और नौसैनिक क्षमताओं को कमजोर करना था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मध्य-पूर्व क्षेत्र में इस समय 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक हाई अलर्ट पर तैनात हैं।
ईरान का जवाबी हमला, MQ-1 ड्रोन गिराने का दावा
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने बहरीन स्थित अल-जुफैर अमेरिकी सैन्य अड्डे पर जवाबी हमला किया। ईरान के अनुसार, इस हमले में हथियार भंडार, सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेंटर और अमेरिकी सैनिकों से जुड़े सैन्य ढांचे को निशाना बनाया गया।
IRGC ने यह भी दावा किया कि उसने अमेरिकी सेना के MQ-1 Predator ड्रोन को मार गिराया है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
होर्मुज संकट से महंगा हुआ कच्चा तेल
मध्य-पूर्व में बढ़ते युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई।
- ब्रेंट क्रूड करीब 85 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।
- WTI क्रूड लगभग 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
- वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में लगभग 2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष और बढ़ता है तो ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार और वैश्विक महंगाई पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।
US-Iran War: 10 बड़ी बातें
- अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर लगभग 5 घंटे तक ऑपरेशन चलाया।
- बुशेहर, चाबहार, जास्क, कोनारक, अबू मूसा और बंदर अब्बास को बनाया निशाना।
- मिसाइल, ड्रोन बेस, एयर डिफेंस और नौसैनिक ठिकानों पर किए गए हमले।
- मध्य-पूर्व में 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक हाई अलर्ट पर।
- ईरान ने बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर जवाबी हमले का दावा किया।
- IRGC ने अमेरिकी MQ-1 ड्रोन गिराने का दावा किया।
- होर्मुज क्षेत्र में तेल टैंकरों पर हमलों की खबरों से तनाव बढ़ा।
- संयुक्त राष्ट्र में ईरान ने अमेरिका पर समझौतों को कमजोर करने का आरोप लगाया।
- वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 2% की तेजी दर्ज हुई।
- समुद्री व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर संकट गहराने की आशंका।
वैश्विक असर पर बढ़ी चिंता
विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष लंबा खिंचता है तो इसका असर केवल मध्य-पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ वैश्विक महंगाई, ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस संघर्ष के अगले घटनाक्रम पर टिकी हुई है।

