उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 403 विधानसभाओं में आंबेडकर स्मारकों के विकास के लिए 403 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी। जानें पूरी योजना, बजट और युवाओं के लिए बड़े फैसले।
UP Cabinet News | Ambedkar Memorial Development Scheme 2026 : उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक अहम और व्यापक निर्णय लेते हुए राज्य की सभी 403 विधानसभा सीटों में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं के विकास और संरक्षण के लिए बड़ी योजना को मंजूरी दे दी है। यह फैसला 7 अप्रैल 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया, जिसे 14 अप्रैल को मनाई जाने वाली आंबेडकर जयंती से पहले लागू करने की तैयारी है।
क्या है सरकार का बड़ा फैसला?
कैबिनेट के इस निर्णय के तहत राज्य की हर विधानसभा क्षेत्र में 10-10 आंबेडकर स्मारकों का विकास किया जाएगा। इस योजना के लिए कुल 403 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य:
- आंबेडकर प्रतिमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना
- स्मारकों के आसपास बाउंड्री वॉल और छत्र (छाजन) का निर्माण
- पूरे स्थल का सौंदर्यीकरण और संरक्षण
सरकार का मानना है कि कई जगहों पर प्रतिमाएं बिना उचित सुरक्षा के स्थापित हैं, जिससे वे मौसम, अतिक्रमण और उपेक्षा का शिकार हो रही हैं।
क्यों जरूरी था यह फैसला?
सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार:
- कई प्रतिमाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप संरक्षित नहीं हैं
- छाया और बाउंड्री की कमी के कारण प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त हो रही हैं
- सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व के इन स्थलों की गरिमा प्रभावित हो रही है
इस योजना के जरिए न सिर्फ इन समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि इन स्थलों को जनोपयोगी और आकर्षक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
- योजना का पूरा गणित
- कुल विधानसभा सीटें: 403
- प्रति विधानसभा स्मारक: 10
- प्रति स्मारक लागत: ₹10 लाख
- कुल अनुमानित खर्च: ₹403 करोड़
इससे राज्यभर में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य होगा, जिससे रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।
युवाओं के लिए भी बड़ा फैसला
कैबिनेट बैठक में सिर्फ स्मारक विकास ही नहीं, बल्कि युवाओं के लिए भी अहम निर्णय लिया गया है।
स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत:
- 25 लाख टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी
- अब तक 60 लाख स्मार्टफोन और टैबलेट वितरित किए जा चुके हैं
यह योजना डिजिटल शिक्षा और युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
क्या होगा इसका असर?
इस फैसले से:
- आंबेडकर से जुड़े स्थलों का संरक्षण मजबूत होगा
- सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा मिलेगा
- स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
- युवाओं को डिजिटल संसाधनों का लाभ मिलेगा
योगी आदित्यनाथ सरकार का यह निर्णय सामाजिक सम्मान, सांस्कृतिक संरक्षण और विकास को साथ लेकर चलने का एक प्रयास है। आंबेडकर जयंती से पहले लिया गया यह फैसला राज्य की राजनीति और समाज दोनों के लिए महत्वपूर्ण संदेश देता है।

