Meta Global Team Summoned by Government: प्रमुख अकाउंट्स पर कार्रवाई और CSAM मामलों पर केंद्र सरकार की सख्त बैठक

केंद्र सरकार ने Meta की ग्लोबल टीम को 5-6 अगस्त को तलब किया है। प्रमुख अकाउंट्स पर गलत कार्रवाई और CSAM मामलों के निपटारे को लेकर IT सचिव एस. कृष्णन ने सख्त रुख अपनाया।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया कंपनी Meta की ग्लोबल टीम को तलब किया है। सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सचिव एस. कृष्णन ने मंगलवार (4 अगस्त) को बताया कि Meta के वैश्विक प्रतिनिधियों को 5 और 6 अगस्त को बैठक के लिए बुलाया गया है। इस बैठक में प्रमुख सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कथित गलत कार्रवाई और CSAM (Child Sexual Abuse Material) मामलों के निपटारे सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।

सरकार का कहना है कि Meta जैसी बड़ी टेक कंपनियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम और तकनीकी प्रक्रियाएं विश्वसनीय, पारदर्शी और अपेक्षित तरीके से काम करें।

किन मुद्दों पर होगी Meta से चर्चा?

  • आईटी सचिव एस. कृष्णन के अनुसार, बैठक में निम्नलिखित प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की जाएगी—
  • प्रमुख सार्वजनिक हस्तियों और संवेदनशील अकाउंट्स पर कथित गलत कार्रवाई।
  • CSAM (बाल यौन शोषण सामग्री) से जुड़े मामलों के निपटारे की प्रक्रिया।
  • कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम की पारदर्शिता और विश्वसनीयता।
  • AI और ऑटोमेटेड सिस्टम से होने वाली संभावित तकनीकी त्रुटियां।
  • यूजर्स की शिकायतों के त्वरित समाधान की व्यवस्था।

आईटी सचिव एस. कृष्णन ने क्या कहा?

आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि Meta जैसी वैश्विक टेक कंपनियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि—

“उनकी प्रणालियां उसी प्रकार काम करें, जैसी उनसे अपेक्षा की जाती है।”

उन्होंने संकेत दिया कि सरकार प्लेटफॉर्म की जवाबदेही और तकनीकी विश्वसनीयता को लेकर गंभीर है।

PM मोदी की पोस्ट हटने के बाद बढ़ा विवाद

हाल के दिनों में Meta विवादों में तब आया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक सोशल मीडिया पोस्ट कुछ समय के लिए प्लेटफॉर्म से हट गई थी। बाद में Meta ने इसे तकनीकी गड़बड़ी (Technical Glitch) बताते हुए पोस्ट को बहाल कर दिया।

इस घटना के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की कंटेंट मॉडरेशन प्रक्रिया और प्रमुख सार्वजनिक हस्तियों के अकाउंट्स पर कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठे थे।

सरकार क्यों दिखा रही है सख्ती?

  • डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती भूमिका को देखते हुए केंद्र सरकार चाहती है कि—
  • कंटेंट मॉडरेशन पारदर्शी हो।
  • तकनीकी त्रुटियों से सार्वजनिक संस्थाओं और प्रमुख व्यक्तियों के अकाउंट प्रभावित न हों।
  • संवेदनशील और गैरकानूनी कंटेंट पर प्रभावी कार्रवाई हो।
  • भारतीय कानूनों और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

Meta की ओर से क्या प्रतिक्रिया?

फिलहाल Meta की ओर से इस प्रस्तावित बैठक को लेकर कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि 5-6 अगस्त को होने वाली बैठक में कंपनी अपनी कंटेंट मॉडरेशन प्रणाली, तकनीकी प्रक्रियाओं और शिकायत निवारण तंत्र पर सरकार को जानकारी दे सकती है।

मुख्य बातें (Highlights)

  • केंद्र सरकार ने Meta की ग्लोबल टीम को 5-6 अगस्त को तलब किया।
  • प्रमुख अकाउंट्स पर कथित गलत कार्रवाई और CSAM मामलों पर होगी चर्चा।
  • IT सचिव एस. कृष्णन ने टेक कंपनियों की जवाबदेही पर जोर दिया।
  • सरकार कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम की पारदर्शिता और विश्वसनीयता चाहती है।
  • PM मोदी की सोशल मीडिया पोस्ट हटने की घटना के बाद यह मामला और चर्चा में आया।