होर्मुज संकट के बीच भारत को बड़ी राहत: जयशंकर की मुलाकात के बाद रूस ने बढ़ाई तेल-गैस सप्लाई की पेशकश

होर्मुज संकट के बीच भारत को राहत, एस जयशंकर की बैठक के बाद रूस ने तेल और गैस सप्लाई बढ़ाने का भरोसा दिया। जानें पूरी खबर।

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और Strait of Hormuz पर बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की रूस के शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई अहम बैठक के बाद रूस ने भारत को तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई बढ़ाने का भरोसा दिया है।

🇮🇳🤝🇷🇺 रणनीतिक बैठक से मिली बड़ी राहत

रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ बैठक में कहा कि रूसी कंपनियां भारत को कच्चे तेल और LNG (Liquefied Natural Gas) की सप्लाई लगातार बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान-अमेरिका-इजरायल तनाव के कारण होर्मुज जलमार्ग से तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।

⛽ रूस बना भारत का भरोसेमंद विकल्प

होर्मुज संकट के चलते खाड़ी देशों से आने वाली सप्लाई में बाधा आई है। ऐसे में रूस भारत के लिए एक मजबूत वैकल्पिक स्रोत बनकर उभरा है।

  • मार्च 2026 में रूस से भारत को तेल सप्लाई में करीब 90% की वृद्धि
  • ऊर्जा संकट के बीच भारत की सप्लाई चेन को बड़ा सहारा

यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा को स्थिर रखने में अहम भूमिका निभा सकता है।

🌾 उर्वरक सप्लाई से कृषि क्षेत्र को फायदा

डेनिस मंतुरोव ने बताया कि:

  • 2025 के अंत तक रूस ने भारत को खनिज उर्वरकों की सप्लाई 40% तक बढ़ाई
  • भारत-रूस के बीच यूरिया उत्पादन की संयुक्त परियोजना पर काम जारी

इससे भारतीय कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और खाद की उपलब्धता बेहतर होगी।

🌐 किन क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग?

बैठक के दौरान दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया:

  • ऊर्जा और पेट्रोलियम
  • उद्योग और टेक्नोलॉजी
  • नवाचार और महत्वपूर्ण खनिज
  • व्यापार और कनेक्टिविटी
  • वैश्विक और पश्चिम एशिया के हालात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुलाकात को द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।

⚡ परमाणु और रक्षा क्षेत्र में भी प्रगति

भारत और रूस के बीच सहयोग कई अन्य क्षेत्रों में भी जारी है:

  • कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र में नए रिएक्टर लगाने का काम जारी
  • भारत द्वारा रूस से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की अतिरिक्त खरीद

यह दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है।

📌 क्यों अहम है यह घटनाक्रम?

  • भारत की बड़ी ऊर्जा निर्भरता होर्मुज रूट पर
  • वैश्विक तेल सप्लाई में बाधा की आशंका
  • रूस का समर्थन भारत के लिए संकट में सुरक्षा कवच

निष्कर्ष

होर्मुज संकट के बीच रूस का यह भरोसा भारत के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। इससे न सिर्फ तेल और गैस की सप्लाई को स्थिरता मिलेगी, बल्कि भारत को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत मजबूत करने का अवसर भी मिलेगा। आने वाले समय में भारत-रूस ऊर्जा साझेदारी और गहरी हो सकती है।