ISRO को झटका, लेकिन DRDO ने किया कमाल: दौड़ते टारगेट को मारने वाली MPATGM मिसाइल का सफल परीक्षण

ISRO का PSLV-C62 मिशन हुआ फेल, लेकिन DRDO ने MPATGM मिसाइल का सफल परीक्षण कर देश को बड़ी खुशखबरी दी। जानिए इस फायर एंड फॉरगेट मिसाइल की ताकत, रेंज और खासियतें।

By: Digital Desk | Defense & Space News

सोमवार का दिन भारत के लिए मिश्रित भावनाओं वाला रहा। एक ओर जहां ISRO का PSLV-C62 (EOS-01N) मिशन असफल हो गया, वहीं दूसरी ओर DRDO ने एक बड़ी सैन्य सफलता हासिल कर देश को राहत और गर्व का मौका दिया।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने मैन पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (MPATGM) का सफल उड़ान परीक्षण किया है, जो मूविंग टारगेट को दिन-रात, किसी भी मौसम में सटीकता से मारने में सक्षम है।

ISRO के PSLV-C62 मिशन से मिली मायूसी

सोमवार सुबह ISRO ने PSLV-C62 रॉकेट के जरिए EOS-01N सैटेलाइट को लॉन्च किया था। यह मिशन भारत के लिए बेहद अहम माना जा रहा था।
लेकिन लॉन्च के कुछ ही मिनटों बाद रॉकेट अपने निर्धारित मार्ग से भटक गया, जिसके चलते मिशन को पूरा नहीं किया जा सका।

ISRO की ओर से बताया गया है कि:

  • सभी ग्राउंड स्टेशनों से डेटा इकट्ठा किया जा रहा है
  • मिशन फेल होने के कारणों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा

अगर यह मिशन सफल होता, तो यह भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की एक और बड़ी उपलब्धि होती।

DRDO की बड़ी कामयाबी: MPATGM मिसाइल का सफल परीक्षण

ISRO की असफलता के कुछ ही घंटों बाद DRDO ने देश को एक बड़ी खुशखबरी दी।
DRDO ने स्वदेशी रूप से विकसित MPATGM मिसाइल का सफल फ्लाइट टेस्ट किया, जिसकी आधिकारिक जानकारी सोमवार को सार्वजनिक की गई।

🔥 क्या है MPATGM मिसाइल?

  • यह तीसरी पीढ़ी की ‘फायर एंड फॉरगेट’ एंटी टैंक मिसाइल है
  • इसे भारतीय सेना के लिए पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित किया गया है
  • यह मिसाइल चलते हुए टैंक और बख्तरबंद वाहनों को सटीकता से नष्ट करने में सक्षम है

यानी दुश्मन अगर भागने की कोशिश करे, तो भी यह मिसाइल दौड़ा-दौड़ाकर लक्ष्य को खत्म कर सकती है।

टॉप अटैक कैपेबिलिटी: टैंक की सबसे कमजोर जगह पर वार

हालिया परीक्षणों में MPATGM ने अपनी Top Attack Capability का प्रदर्शन किया।
इस मोड में:

  • मिसाइल सीधे टैंक के ऊपर से हमला करती है
  • आधुनिक टैंकों की Explosive Reactive Armor (ERA) को आसानी से बायपास कर देती है
  • टैंक की सबसे कमजोर छत पर हमला कर उसे पूरी तरह निष्क्रिय कर देती है

यह फीचर इसे आधुनिक युद्ध के लिए बेहद घातक बनाता है।

कहां और कैसे हुआ परीक्षण?

सूत्रों के मुताबिक, यह परीक्षण:

  • राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में किया गया
  • एक चलते हुए डमी टैंक (Moving Target) को लक्ष्य बनाया गया
  • मिसाइल ने बेहद सटीकता से टारगेट को हिट किया

छोटी लेकिन बेहद खतरनाक मिसाइल

MPATGM के फीचर्स इसे खास बनाते हैं:

📌 वजन: 14–15 किलोग्राम

📌 रेंज: 2.5 किलोमीटर तक

📌 ऑपरेशन: Day/Night और हर मौसम में सक्षम

📌 तकनीक: Imaging Infrared (IIR) Seeker

📌 वारहेड: Tandem Warhead, जो आधुनिक MBT को भेद सकता है

इसका हल्का वजन इसे इन्फैंट्री सैनिकों के लिए बेहद उपयोगी बनाता है, जिन्हें इसे कंधे पर ले जाकर इस्तेमाल करना होता है।

भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को मिली मजबूती

MPATGM का सफल परीक्षण:

  • मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देता है
  • भारतीय सेना की एंटी टैंक क्षमता को नई धार देता है
  • विदेशी मिसाइलों पर निर्भरता कम करता है