मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष गहराता जा रहा है। इसी क्रम में, इजरायली सेना ने गुरुवार, 19 जून 2025 को ईरान के अराक भारी जल रिएक्टर के आसपास के क्षेत्र को तुरंत खाली करने की चेतावनी जारी की है।
चेतावनी का माध्यम: इजरायली सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से यह चेतावनी दी, जिसमें अराक संयंत्र की सैटेलाइट इमेज शामिल थी और रिएक्टर को लाल घेरे में दिखाया गया था।
प्लेटोनियम उत्पादन का खतरा: अराक भारी जल रिएक्टर तेहरान से लगभग 250 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। यह रिएक्टर परमाणु रिएक्टरों को ठंडा करने में मदद करता है, लेकिन इससे प्लूटोनियम भी बनाया जा सकता है, जिसका उपयोग परमाणु हथियार बनाने में हो सकता है। इजरायल का आरोप है कि ईरान इसका इस्तेमाल परमाणु बम बनाने के लिए कर सकता है।
इजरायल का हमला: इस चेतावनी के बाद इजरायली वायुसेना ने ईरान के अराक भारी जल रिएक्टर पर हमला भी किया है। हालांकि, हमले के बाद हुए नुकसान की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ईरान के अधिकारियों ने दावा किया है कि हमले से पहले ही केंद्र को खाली करा लिया गया था और “किसी भी तरह के रेडिएशन का खतरा नहीं” है।
खंदब शहर पर भी चेतावनी: इजरायल ने खंडब शहर में भी हमले की चेतावनी दी है, जहाँ IR-4 हैवी वाटर रिएक्टर हैं, जो ईरान के परमाणु कार्यक्रम का एक और अहम हिस्सा हैं।
बढ़ता संघर्ष: यह घटना ईरान और इजरायल के बीच लगातार छठे दिन जारी संघर्ष का हिस्सा है। इजरायल ने ईरान में मिसाइल बुनियादी ढांचे और परमाणु-संबंधी सुविधाओं सहित 40 से अधिक ठिकानों पर हमला करने का दावा किया है। वहीं, ईरान ने भी इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं, जिसमें दक्षिणी इजरायल के एक प्रमुख अस्पताल को भी निशाना बनाया गया है।
वैश्विक चिंता: इस बढ़ते तनाव ने वैश्विक सुरक्षा के लिए चिंता बढ़ा दी है और एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की आशंका पैदा कर दी है।
यह घटनाक्रम इजरायल की ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने की दृढ़ता को दर्शाता है, जबकि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बता रहा है। स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर कड़ी नजर रख रहा है।

