दिल्ली में राशन कार्ड बनवाने के नए नियम लागू। अब केवल ऑनलाइन आवेदन, घर-घर जांच और 3 लेवल वेरिफिकेशन के बाद मिलेगा राशन कार्ड। जानें जरूरी दस्तावेज, आय सीमा और महिला मुखिया नियम की पूरी जानकारी।
नई दिल्ली: दिल्ली में अब राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पहले से ज्यादा सख्त कर दी गई है। सरकार ने नए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अब राशन कार्ड के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। ऑफलाइन आवेदन की सुविधा पूरी तरह समाप्त कर दी गई है।
नए नियमों के तहत आवेदन के बाद घर-घर जाकर फिजिकल वेरिफिकेशन होगा और तीन स्तरों पर जांच के बाद ही राशन कार्ड जारी किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य पात्र और जरूरतमंद परिवारों तक ही योजना का लाभ पहुंचाना है।
केवल ऑनलाइन आवेदन ही मान्य
अब राशन कार्ड के लिए आवेदन केवल आधिकारिक पोर्टल edistrict.delhigovt.nic.in पर ही किया जा सकेगा। किसी भी सरकारी दफ्तर में जाकर ऑफलाइन फॉर्म जमा करने की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।
सरकार के अनुसार, करीब 8.27 लाख नए राशन कार्ड जारी किए जाने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। इच्छुक आवेदकों को वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कर सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
तीन स्तर पर होगी सख्त जांच
राशन कार्ड आवेदन की प्रक्रिया अब तीन चरणों में पूरी होगी:
- फील्ड वेरिफिकेशन: फूड सप्लाई ऑफिसर आवेदक के घर जाकर दस्तावेज और जानकारी की जांच करेंगे।
- सहायक आयुक्त की समीक्षा: फाइल की जांच कर आगे भेजी जाएगी।
- डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी की अंतिम मंजूरी: डीएम की अध्यक्षता में बनी समिति अंतिम निर्णय लेगी कि राशन कार्ड स्वीकृत किया जाए या नहीं।
कमेटी यह तय करेगी कि कौन-सा परिवार सबसे ज्यादा जरूरतमंद है और उसी आधार पर राशन कार्ड जारी होगा।
राशन कार्ड के लिए जरूरी दस्तावेज
ऑनलाइन आवेदन करते समय निम्न दस्तावेज अनिवार्य होंगे:
- परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड
- अगर आधार पर दिल्ली का पता नहीं है तो रेजिडेंस प्रूफ
- परिवार की वार्षिक आय 1.20 लाख रुपये से कम होनी चाहिए
- राजस्व विभाग द्वारा जारी इनकम सर्टिफिकेट
- घर के किसी एक सदस्य के नाम पर बिजली बिल
दस्तावेज अधूरे या गलत पाए जाने पर आवेदन रद्द किया जा सकता है।
परिवार की मुखिया महिला होगी
नई SOP के अनुसार राशन कार्ड में परिवार की मुखिया एक महिला को बनाया जाएगा।
- परिवार की सबसे बड़ी महिला को मुखिया घोषित किया जाएगा।
- यदि वह 18 वर्ष से कम उम्र की है, तो अस्थायी रूप से पुरुष सदस्य को मुखिया बनाया जाएगा।
- लड़की के 18 वर्ष की आयु पूरी करते ही उसे परिवार की मुखिया माना जाएगा।
सरकार का कहना है कि यह कदम महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।
क्या है सरकार का उद्देश्य?
सरकार के मुताबिक, राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए यह सख्त प्रक्रिया लागू की गई है। ऑनलाइन सिस्टम और बहु-स्तरीय जांच से केवल पात्र परिवारों को ही राशन कार्ड मिलेगा।

