CJP की फंडिंग और अभिजीत दीपके की विदेशी पढ़ाई को लेकर उठे सवालों पर उनका जवाब सामने आया। दीपके ने बोस्टन यूनिवर्सिटी की स्कॉलरशिप और क्राउडफंडिंग का दावा किया।
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके की फंडिंग को लेकर उठे सवालों के बीच संगठन की ओर से पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। गुजरात के सूरत के एक आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा दीपके के परिवार की आर्थिक स्थिति और CJP को मिले कथित ₹1 करोड़ के फंड की जांच की मांग के बाद दीपके ने अपनी सफाई दी है।
दीपके ने कहा कि उनकी विदेश में उच्च शिक्षा का खर्च बोस्टन यूनिवर्सिटी से मिली स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन के जरिए पूरा हुआ था। उन्होंने यह भी दावा किया कि लिया गया शिक्षा ऋण अब पूरी तरह चुका दिया गया है।
“स्कॉलरशिप और लोन से पूरी की पढ़ाई”
एक पत्रकार से बातचीत में अभिजीत दीपके ने कहा,
“मैंने अपनी पढ़ाई का खर्च बोस्टन यूनिवर्सिटी से मिली स्कॉलरशिप से उठाया था। इसके अलावा कुछ एजुकेशन लोन लिया था, जिसे अब चुका दिया गया है।”
उन्होंने कहा कि उनकी शिक्षा के लिए किसी तरह की अवैध फंडिंग या बाहरी आर्थिक सहायता नहीं ली गई।
CJP ने फंडिंग को बताया पारदर्शी
CJP को मिले कथित फंड को लेकर पूछे गए सवाल पर दीपके ने कहा कि संगठन की फंडिंग क्राउडफंडिंग के जरिए होती है।
उन्होंने दावा किया कि—
- संगठन जनता से छोटे-छोटे योगदान के माध्यम से धन जुटाता है।
- पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखने का प्रयास किया जाता है।
- फंडिंग से जुड़ी जानकारी रिकॉर्ड में उपलब्ध है।
- PM CARES फंड पर CJP का पलटवार
इस पूरे विवाद के बीच CJP की प्रवक्ता वैष्णवी गौड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा कर प्रधानमंत्री राहत कोष (PM CARES Fund) का जिक्र किया।
उन्होंने लिखा,
“एक प्राइवेट व्यक्ति की पढ़ाई के खर्च पर RTI लगाने वाले कभी PM CARES फंड को भी देखें। मोदी जी आपको माफ कर देंगे, चिंता मत करें।”
यह पोस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
RTI कार्यकर्ता ने क्या मांग की है?
समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, गुजरात के सूरत निवासी एक RTI कार्यकर्ता ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि—
- अभिजीत दीपके के पिता की आर्थिक स्थिति की जांच की जाए।
- यह पता लगाया जाए कि सरकारी कर्मचारी रहे उनके पिता ने बेटे की विदेश में पढ़ाई का खर्च किस प्रकार वहन किया।
- CJP को मिले कथित ₹1 करोड़ के फंड की जांच कराई जाए।
निर्वाचन आयोग से भी जांच की मांग
आरटीआई कार्यकर्ता ने यह भी सवाल उठाया कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) एक गैर-पंजीकृत संगठन होने के बावजूद राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय है।
उन्होंने मांग की है कि भारत निर्वाचन आयोग यह जांच करे कि यदि संगठन को राजनीतिक उद्देश्य से धन प्राप्त हुआ है, तो क्या वह जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत पंजीकृत है या नहीं।
मामले पर अभी क्या स्थिति है?
फिलहाल RTI कार्यकर्ता की ओर से जांच की मांग की गई है। इस संबंध में किसी सरकारी एजेंसी या निर्वाचन आयोग द्वारा सार्वजनिक रूप से किसी जांच या कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई है। वहीं, अभिजीत दीपके और CJP ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए अपनी फंडिंग और शिक्षा से जुड़े दावों को पारदर्शी बताया है।
मुख्य बातें (Highlights)
- RTI कार्यकर्ता ने अभिजीत दीपके और CJP की फंडिंग की जांच की मांग की।
- दीपके ने कहा कि उनकी पढ़ाई बोस्टन यूनिवर्सिटी की स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन से हुई।
- CJP ने दावा किया कि संगठन की फंडिंग क्राउडफंडिंग से होती है।
- वैष्णवी गौड़ ने सोशल मीडिया पर PM CARES Fund का जिक्र करते हुए प्रतिक्रिया दी।
- निर्वाचन आयोग से CJP की कानूनी स्थिति और फंडिंग की जांच की मांग की गई है।
- मामले में अभी तक किसी आधिकारिक जांच या निष्कर्ष की घोषणा नहीं हुई है।

