श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है, जो अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय था। पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क प्रतिबंधित आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) से जुड़ा हुआ था। जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क में व्हाइट-कॉलर अपराधी भी शामिल थे — जिनमें पेशेवर लोग, विद्यार्थी और विदेशी हैंडलरों से संपर्क रखने वाले व्यक्ति शामिल हैं।
कई जिलों और राज्यों में चला तलाशी अभियान
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस आतंकी नेटवर्क की जांच के दौरान श्रीनगर, अनंतनाग, गांदरबल और शोपियां जिलों में कई जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। इसके अलावा, फरीदाबाद (हरियाणा) में हरियाणा पुलिस और सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) में यूपी पुलिस की मदद से भी छापेमारी की गई।
इन तलाशी अभियानों में पुलिस को आतंकी गतिविधियों से जुड़े दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, हथियार, गोला-बारूद और IED बनाने की सामग्री मिली है।
सात आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें शामिल हैं:
- अरिफ निसार डार (साहिल) — श्रीनगर
- यासिर-उल-आशरफ — श्रीनगर
- मक्सूद अहमद डार (शहीद) — श्रीनगर
- मौलवी इरफान अहमद (मस्जिद के इमाम) — शोपियां
- जमीर अहमद आहंगर (मुतलाशा) — गांदरबल
- डॉ. मुजम्मिल अहमद गनाई (मुसैब) — पुलवामा
- डॉ. अदील — कुलगाम
सभी आरोपी विदेशी हैंडलरों के संपर्क में थे और इस मॉड्यूल के संचालन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद
पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। जब्त किए गए हथियारों में शामिल हैं:
- एक चीनी स्टार पिस्तौल
- एक बेरेट्टा पिस्तौल
- एक AK-56 राइफल
- एक AK क्रिंकोव राइफल साथ ही, इन हथियारों से संबंधित गोला-बारूद भी बरामद किया गया है।
इसके अलावा, पुलिस ने लगभग 2900 किलो IED बनाने की सामग्री जब्त की है, जिसमें विस्फोटक पदार्थ, रासायनिक रिएक्टेंट, ज्वलनशील सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, बैटरियां, तार, रिमोट कंट्रोल, टाइमर और मेटल शीट शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह सामग्री बड़े पैमाने पर आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए तैयार की जा रही थी।
फंडिंग नेटवर्क की जांच जारी
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मॉड्यूल से जुड़े वित्तीय लेन-देन और फंडिंग सोर्स की जांच जारी है। पुलिस की टीमें विदेशी फंडिंग और स्थानीय सहयोगियों की पहचान में जुटी हैं।
जांच एजेंसियों का कहना है कि हर लिंक को ट्रैक किया जा रहा है और इस नेटवर्क को समय रहते पूरी तरह खत्म किया जाएगा।
बड़ा आतंकी नेटवर्क हो सकता है शामिल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह मॉड्यूल केवल जम्मू-कश्मीर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार देश के अन्य हिस्सों और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से भी जुड़े हो सकते हैं।
सुरक्षा एजेंसियां अब इस केस को नेशनल सिक्योरिटी लेवल पर लेकर आगे की कार्रवाई की तैयारी में हैं।

