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	<title>Richter scale Archives - www.aajkiawaaz.com</title>
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		<title>भूकंप आने पर बचने के लिए अपनाए ये तरकीब</title>
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		<dc:creator><![CDATA[आज की आवाज़ टीम]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 May 2015 09:23:56 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>भूकंप के बारे में पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता, और भारी तबाही मचाने वाली इस प्राकृतिक आपदा को रोकने के लिए कुछ नहीं किया जा सकता। लेकिन नुकसान को कम करने और जान बचाने के लिए कुछ तरकीबें हैं, जिनसे मदद मिल सकती है। सो आइए, जानते हैं, भूकंप आने पर क्या करना चाहिए। भूकंप के खतरे से कैसे बच सकते हैं? ज्यादा तीव्रता वाले भूकंप से बहुत ज्यादा नुकसान होता है, लेकिन तेज भूकंप में भी इससे होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। भूकंप के नुकसान से बचने के लिए घरों को भूकंप रोधी बनाएं। जिस स्थान पर घर बना रहे हैं उसकी जांच करा लें कि वहां जमीन की संरचना भूकंप के लिहाज से मजबूत है या नहीं। यदि घर पुराने हैं तो रेट्रोफिटिंग के जरिये उसे भूकंपरोधी बना सकते हैं। यह तकनीक उपलब्ध है। इसमें दीवारों को पास में जोड़ा जाता है। यदि अचानक भूकंप आ जाए तो क्या करें? घर से बाहर खुले में निकलें। घर में फंस गए हों तो बेड या मजबूत टेबल के अंदर छिप जाएं। घर के कोनों में खड़े हो सकते हैं और कोई उपाय नहीं हो तो छत में भी जा सकते हैं। लिफ्ट की जगह सीढि़यों &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>भूकंप के बारे में पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता, और भारी तबाही मचाने वाली इस प्राकृतिक आपदा को रोकने के लिए कुछ नहीं किया जा सकता। लेकिन नुकसान को कम करने और जान बचाने के लिए कुछ तरकीबें हैं, जिनसे मदद मिल सकती है। सो आइए, जानते हैं, भूकंप आने पर क्या करना चाहिए।</p>
<p>भूकंप के खतरे से कैसे बच सकते हैं? ज्यादा तीव्रता वाले भूकंप से बहुत ज्यादा नुकसान होता है, लेकिन तेज भूकंप में भी इससे होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। भूकंप के नुकसान से बचने के लिए घरों को भूकंप रोधी बनाएं। जिस स्थान पर घर बना रहे हैं उसकी जांच करा लें कि वहां जमीन की संरचना भूकंप के लिहाज से मजबूत है या नहीं। यदि घर पुराने हैं तो रेट्रोफिटिंग के जरिये उसे भूकंपरोधी बना सकते हैं। यह तकनीक उपलब्ध है। इसमें दीवारों को पास में जोड़ा जाता है। </p>
<p>यदि अचानक भूकंप आ जाए तो क्या करें? घर से बाहर खुले में निकलें। घर में फंस गए हों तो बेड या मजबूत टेबल के अंदर छिप जाएं। घर के कोनों में खड़े हो सकते हैं और कोई उपाय नहीं हो तो छत में भी जा सकते हैं। लिफ्ट की जगह सीढि़यों का इस्तेमाल करें। </p>
<p><strong>भूकंप आने के वक्त यदि आप घर में हैं तो&#8230;</strong><br />
•	फर्श पर बैठ जाएं।<br />
•	मज़बूत टेबल या किसी फर्नीचर के नीचे पनाह लें।<br />
•	टेबल न होने पर हाथ से चेहरे और सिर को ढक लें।<br />
•	घर के किसी कोने में चले जाएं।<br />
•	कांच, खिड़कियों, दरवाज़ों और दीवारों से दूर रहें।<br />
•	बिस्तर पर हैं तो लेटे रहें, तकिये से सिर ढक लें।<br />
•	आसपास भारी फर्नीचर हो तो उससे दूर रहें।<br />
•	लिफ्ट का इस्तेमाल करने से बचें।<br />
•	पेंडुलम की तरह हिलकर दीवार से टकरा सकती है लिफ्ट।<br />
•	बिजली जाने से भी रुक सकती है लिफ्ट।<br />
•	कमज़ोर सीढ़ियों का इस्तेमाल न करें।<br />
•	आमतौर पर इमारतों में बनी सीढ़ियां मज़बूत नहीं होतीं।<br />
•	झटके आने तक घर के अंदर ही रहें।<br />
•	झटके रुकने के बाद ही बाहर निकलें।</p>
<p><strong>भूकंप आने के वक्त यदि आप घर से बाहर हैं तो&#8230;</strong><br />
•	ऊंची इमारतों, बिजली के खंभों आदि से दूर रहें।<br />
•	जब तक झटके खत्म न हों, बाहर ही रहें।<br />
•	चलती गाड़ी में होने पर जल्द गाड़ी रोक लें।<br />
•	गाड़ी में ही बैठे रहें।<br />
•	ऐसे पुल या सड़क पर जाने से बचें, जिन्हें भूकंप से नुकसान पहुंचा हो।</p>
<p><strong>अगर आप भूकंप के दौरान मलबे के नीचे दब जाएं&#8230;</strong><br />
•	माचिस हरगिज़ न जलाएं।<br />
•	हिलें नहीं, और धूल न उड़ाएं।<br />
•	किसी रूमाल या कपड़े से चेहरा ज़रूर ढक लें।<br />
•	किसी पाइप या दीवार को ठकठकाते रहें, ताकि बचाव दल आपको तलाश सके।<br />
•	यदि कोई सीटी उपलब्ध हो तो बजाते रहें।<br />
•	यदि कोई और जरिया न हो, तो चिल्लाते रहें, हालांकि चिल्लाने से धूल मुंह के भीतर जाने का खतरा रहता है, सो, सावधान रहें।</p>
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		<title>भूकंप के तेज झटकों से दहला भारतीय उपमहाद्वीप</title>
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		<dc:creator><![CDATA[आज की आवाज़ टीम]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 May 2015 09:02:17 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों समेत नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में मंगलवार दोपहर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप के तीन केंद्र थे। जिसमें से दो केंद्र नेपाल और एक केंद्र अफगानिस्तान था। नेपाल में एक केंद्र की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.3 और दूसरे की 6.2 मापी गई है। भारत में भी राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल सहित पूरे उत्तर भारत में इस भूकंप के झटके महसूस किए गए। इन झटकों के चलते लोग दहशत में आ गए और घरों से बाहर निकल पड़े। भूकंप के झटकों के बाद दिल्ली मेट्रो की सेवा कुछ देर के लिए रोक दी गई। नेपाल के कोडारी में भूकंप का केंद्र जमीन से 18 किलोमीटर नीचे था। वहीं, अफगानिस्तान में भूकंप की तीव्रता रिएक्टर पैमाने पर 6.9 मापी गई है। भूकंप के तेज झटकों से एक बार फिर दशहत का माहौल कायम हो गया और लोग घरों से बाहर निकल कर सड़कों पर और खुले मैदानों में आ गए। इस बीच, मौसम विभाग के अनुसार अभी कम तीव्रता वाले भूकंप के और झटके आ सकते हैं। इधर, गृह मंत्रालय ने इसकी रिपोर्ट मांगी है। राजनाथ ने कहा कि भारत नेपाल की &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली:</strong> देश के कई हिस्सों समेत नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में मंगलवार दोपहर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप के तीन केंद्र थे। जिसमें से दो केंद्र नेपाल और एक केंद्र अफगानिस्तान था। नेपाल में एक केंद्र की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.3 और दूसरे की 6.2 मापी गई है। </p>
<p>भारत में भी राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल सहित पूरे उत्तर भारत में इस भूकंप के झटके महसूस किए गए। इन झटकों के चलते लोग दहशत में आ गए और घरों से बाहर निकल पड़े। भूकंप के झटकों के बाद दिल्ली मेट्रो की सेवा कुछ देर के लिए रोक दी गई।</p>
<p>नेपाल के कोडारी में भूकंप का केंद्र जमीन से 18 किलोमीटर नीचे था। वहीं, अफगानिस्तान में भूकंप की तीव्रता रिएक्टर पैमाने पर 6.9 मापी गई है। भूकंप के तेज झटकों से एक बार फिर दशहत का माहौल कायम हो गया और लोग घरों से बाहर निकल कर सड़कों पर और खुले मैदानों में आ गए।</p>
<p>इस बीच, मौसम विभाग के अनुसार अभी कम तीव्रता वाले भूकंप के और झटके आ सकते हैं। इधर, गृह मंत्रालय ने इसकी रिपोर्ट मांगी है। राजनाथ ने कहा कि भारत नेपाल की मदद को तैयार है। उधर, इस भूकंप से नेपाल में कई लोगों के मरने की आशंका है। वहां कई इमारतें गिरने की सूचना है। जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, बिहार में एक मजदूर और एक बच्चे के मरने की सूचना है।</p>
<p>दोपहर करीब 12 बजकर 35 मिनट पर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, ओडिशा, असम और उत्तर प्रदेश में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। इसके बाद एक बार फिर 1 बजकर 9 मिनट पर भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। इसके बाद दोपहर 1 बजकर 44 मिनट पर फिर भूकंप का झटका आया। इसकी तीव्रता 4.4 थी।</p>
<p>हिमाचल प्रदेश में कुल्लू, मनाली, कांगडा, धर्मशाला, मंडी और शिमला में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटकों के बाद दिल्ली और कोलकाता में मेट्रो सेवा रोक दी गई है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि 25 अप्रैल को नेपाल में आए 7.9 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप को पूरे उत्तर भारत में महसूस किया गया था। इस भूकंप के चलते नेपाल में 8,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और करीब 17,000  घायल हो गए। वहां अब तक भूकंप के करीब 165 झटके महसूस किए जा चुके हैं। इस भूकंप से बिहार, यूपी और पश्चिम बंगाल में भी करीब 70 लोगों की मौत हो गई थी।</p>
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