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	<title>ladakh Archives - www.aajkiawaaz.com</title>
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		<title>जानिये, लद्दाख के लोग क्यों कर रहे भूख हड़ताल? राज्य को किस चीज से खतरा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[आज की आवाज़ टीम]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 01 Apr 2024 11:01:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मुख्य ख़बरें]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लद्दाख के मशहूर प्रसिद्ध शिक्षाविद् और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने 6 मार्च को लेह में 21 दिनों की भूख हड़ताल शुरू की. उन्होंने इसे “जलवायु उपवास” (Climate Fast) नाम दिया. वांगचुक ने 26 मार्च को अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी, लेकिन अब लद्दाख की महिलाएं हड़ताल पर बैठ गई हैं. उन्होंने ऐलान किया है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो लद्दाख के युवा, बौद्ध भिक्षु और बुजुर्ग भी अलग-अलग चरण में इस भूख हड़ताल में शामिल होंगे. अगस्त 2019 में, जम्मू और कश्मीर राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित किया गया. पहला- जम्मू और कश्मीर और दूसरा- लद्दाख. जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के तहत, लद्दाख बिना विधानसभा वाला केंद्रशासित प्रदेश बन गया. इस बदलाव के साथ यहां के लोगों की भूमि और नौकरी पर विशेष अधिकार भी समाप्त हो गया. अब लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के करीब 4 साल बाद यहां के लोग सड़क पर उतर आए हैं. लद्दाख के लोग क्या चाहते हैं? सोनम वांगचुक के साथ-साथ भूख हड़ताल कर रहे तमाम लोगों की मांग है कि पूर्वोत्तर राज्यों (North East States) की तरह लद्दाख को भी संविधान की छठवीं अनुसूची में शामिल किया जाना चाहिए और पूर्ण राज्य का दर्जा &#8230;</p>
<p>The post <a href="http://www.aajkiawaaz.com/know-why-the-people-of-ladakh-are-on-hunger-strike-what-threatens-the-state">जानिये, लद्दाख के लोग क्यों कर रहे भूख हड़ताल? राज्य को किस चीज से खतरा</a> appeared first on <a href="http://www.aajkiawaaz.com">www.aajkiawaaz.com</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लद्दाख के मशहूर प्रसिद्ध शिक्षाविद् और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने 6 मार्च को लेह में 21 दिनों की भूख हड़ताल शुरू की. उन्होंने इसे “जलवायु उपवास” (Climate Fast) नाम दिया. वांगचुक ने 26 मार्च को अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी, लेकिन अब लद्दाख की महिलाएं हड़ताल पर बैठ गई हैं. उन्होंने ऐलान किया है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो लद्दाख के युवा, बौद्ध भिक्षु और बुजुर्ग भी अलग-अलग चरण में इस भूख हड़ताल में शामिल होंगे.</strong></p>
<p>अगस्त 2019 में, जम्मू और कश्मीर राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित किया गया. पहला- जम्मू और कश्मीर और दूसरा- लद्दाख. जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के तहत, लद्दाख बिना विधानसभा वाला केंद्रशासित प्रदेश बन गया. इस बदलाव के साथ यहां के लोगों की भूमि और नौकरी पर विशेष अधिकार भी समाप्त हो गया. अब लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के करीब 4 साल बाद यहां के लोग सड़क पर उतर आए हैं.</p>
<p><strong>लद्दाख के लोग क्या चाहते हैं?</strong><br />
सोनम वांगचुक के साथ-साथ भूख हड़ताल कर रहे तमाम लोगों की मांग है कि पूर्वोत्तर राज्यों (North East States) की तरह लद्दाख को भी संविधान की छठवीं अनुसूची में शामिल किया जाना चाहिए और पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना चाहिए. साथ ही आदिवासी दर्जा भी मिले, क्योंकि राज्य की कुल आबादी में 2.74 लाख या 97% से अधिक (2011 की जनगणना के मुताबिक) आदिवासी है. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने भी 2019 में सिफारिश की थी कि लद्दाख को छठीं अनुसूची में शामिल किया जाए.</p>
<p><strong>प्रमुख मांगें</strong><br />
1- लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा<br />
2- राज्य को आदिवासी दर्जा, छठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग<br />
3- स्थानीय लोगों के लिए नौकरी में आरक्षण<br />
4- लेह और कारगिल जिलों के लिए संसदीय सीट की मांग</p>
<p><strong>छठवीं अनुसूची में क्या है?</strong><br />
संविधान की छठवीं अनुसूची में जनजातीय क्षेत्रों को लेकर तमाम प्रावधान किये गए हैं. इस अनुसूची के आर्टिकल 244(2) और अनुच्छेद 275 (1) में कहा गया है कि यदि किसी जिले में अलग-अलग जनजातियां हैं जो कई ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट बनाए जा सकते हैं. ऐसे प्रत्येक स्वायत्त जिले में एक ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (ADCs) बनाने का प्रावधान है. इसके अलावा जल, जंगल जमीन से लेकर शादी, तलाक, विरासत जैसे अहम मसलों पर नियम-कानून बनाने का अधिकार दिया गया है.</p>
<p><a href="https://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2024/04/Know-why-the-people-of-Ladakh-are-on-hunger-strike..What-threatens-the-state.jpeg"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter wp-image-20571 size-large" src="https://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2024/04/Know-why-the-people-of-Ladakh-are-on-hunger-strike..What-threatens-the-state-1024x538.jpeg" alt="" width="1024" height="538" srcset="http://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2024/04/Know-why-the-people-of-Ladakh-are-on-hunger-strike..What-threatens-the-state-1024x538.jpeg 1024w, http://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2024/04/Know-why-the-people-of-Ladakh-are-on-hunger-strike..What-threatens-the-state-300x158.jpeg 300w, http://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2024/04/Know-why-the-people-of-Ladakh-are-on-hunger-strike..What-threatens-the-state-768x403.jpeg 768w, http://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2024/04/Know-why-the-people-of-Ladakh-are-on-hunger-strike..What-threatens-the-state-700x368.jpeg 700w, http://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2024/04/Know-why-the-people-of-Ladakh-are-on-hunger-strike..What-threatens-the-state-570x299.jpeg 570w, http://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2024/04/Know-why-the-people-of-Ladakh-are-on-hunger-strike..What-threatens-the-state-500x263.jpeg 500w, http://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2024/04/Know-why-the-people-of-Ladakh-are-on-hunger-strike..What-threatens-the-state.jpeg 1200w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></a></p>
<p><strong>कैसे लद्दाख के पर्यावरण को खतरा?</strong><br />
सोनम वांगचुक का आरोप है कि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से ही कुछ औद्योगिक गुट, लॉबी, माइनिंग कंपनियों की निगाहें लद्दाख पर टिकी हैं. यह लॉबी लद्दाख के प्राकृतिक संसाधनों के बेतहाशा दोहन में लगी है. विकास के नाम पर अंधाधुंध दोहन शुरू हो गया है. पर्यावरण की जरा भी चिंता नहीं है और इससे पूरे राज्य पर खतरा मंडरा रहा है. वांगचुक का कहना है कि अगर लद्दाख को संविधान की छठवीं अनुसूची में शामिल कर लिया जाता है और पूर्ण राज्य का दर्जा मिल जाता है तो इस तरह की मनमानी पर रोक लग जाएगी.</p>
<p><strong>केंद्र सरकार ने क्या किया?</strong><br />
लद्दाख में विरोध प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार ने गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय की अगुवाई में 17 सदस्यीय समिति का गठन किया था. इस समिति ने पिछले साल दिसंबर में लेह और कारगिल के दो प्रमुख संगठनों के साथ पहली बैठक की. उनकी मांगों पर चर्चा हुई. हालांकि बैठक का कोई खास नतीजा नहीं निकला.</p>
<p><strong>यह डाटा भी देखना जरूरी</strong><br />
हाल के सालों में लद्दाख में पर्यटकों की संख्या में कई गुना इजाफा हुआ है. साल 2022 में अकेले लेह में 5 लाख से अधिक घरेलू पर्यटक पहुंचे. जबकि साल 2007 में कुल 50 हजार के आसपास घरेलू और विदेशी पर्यटक आए थे. 2018 तक यह संख्या बढ़कर 3.2 लाख हो गई थी. साल 2019 में प्रकाशित एक लेख में कहा गया था कि शहर की कुल रिहायश 1969 के 36 हेक्टेयर के मुकाबले 2017 तक बढ़कर 196 हेक्टेयर हो गई.</p>
<p>सोनम वांगचुक और लद्दाख की तमाम सामाजिक संस्थाओं का कहना है कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या और शहरीकरण के कारण लद्दाख में संसाधनों, विशेषकर पानी पर काफी दबाव पड़ रहा है.</p>
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		<title>चीन को राजनाथ की वॉर्निंग? कहा-देश पर बुरी नजर डालने वालों को देंगे मुंहतोड़ जवाब</title>
		<link>http://www.aajkiawaaz.com/rajnaths-warning-to-china-said-will-give-a-befitting-reply-to-those-who-cast-an-evil-eye-on-the-country</link>
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		<dc:creator><![CDATA[आज की आवाज़ टीम]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 17 Oct 2022 06:51:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एशिया]]></category>
		<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमा विवाद के बीच रविवार को भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का ताजा बयान आया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने हमारे देश पर बुरी नजर डालने की कोशिश की तो उसे कड़ा जवाब दिया जाएगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने कभी किसी देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं की है। रक्षा मंत्री ने एक डिजिटल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सीमाओं पर कड़ी निगरानी की जा रही है और देश सभी चुनौतियों से निपटने को तैयार है। मजबूत करनी है देश की सिक्योरिटी रक्षामंत्री ने कहा कि भारत एक शांति-प्रेमी राष्ट्र है। हमने कभी किसी देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं की। अगर देश का अमन चैन बिगाड़ने का कोई प्रयास हुआ तो मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि सशस्त्र बलों को स्वदेशी अत्याधुनिक हथियारों से सुसज्जित करके सिक्योरिटी सिस्टम मजबूत करना सरकार की टॉप प्रियॉरिटी है। उन्होंने देशवासियों से सांप्रदायिक बंधनों से पार जाकर प्रत्येक भारतीय सैनिक तथा स्वतंत्रता सेनानी में पाए जाने वाले राष्ट्रीय गौरव एवं देशभक्ति के गुणों को आत्मसात करके राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आग्रह भी किया। देश के जवान करते हैं मातृभूमि की सेवा राजनाथ सिंह &#8230;</p>
<p>The post <a href="http://www.aajkiawaaz.com/rajnaths-warning-to-china-said-will-give-a-befitting-reply-to-those-who-cast-an-evil-eye-on-the-country">चीन को राजनाथ की वॉर्निंग? कहा-देश पर बुरी नजर डालने वालों को देंगे मुंहतोड़ जवाब</a> appeared first on <a href="http://www.aajkiawaaz.com">www.aajkiawaaz.com</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमा विवाद के बीच रविवार को भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का ताजा बयान आया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने हमारे देश पर बुरी नजर डालने की कोशिश की तो उसे कड़ा जवाब दिया जाएगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने कभी किसी देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं की है। रक्षा मंत्री ने एक डिजिटल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सीमाओं पर कड़ी निगरानी की जा रही है और देश सभी चुनौतियों से निपटने को तैयार है।</strong></p>
<p><strong>मजबूत करनी है देश की सिक्योरिटी</strong></p>
<p>रक्षामंत्री ने कहा कि भारत एक शांति-प्रेमी राष्ट्र है। हमने कभी किसी देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं की। अगर देश का अमन चैन बिगाड़ने का कोई प्रयास हुआ तो मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि सशस्त्र बलों को स्वदेशी अत्याधुनिक हथियारों से सुसज्जित करके सिक्योरिटी सिस्टम मजबूत करना सरकार की टॉप प्रियॉरिटी है। उन्होंने देशवासियों से सांप्रदायिक बंधनों से पार जाकर प्रत्येक भारतीय सैनिक तथा स्वतंत्रता सेनानी में पाए जाने वाले राष्ट्रीय गौरव एवं देशभक्ति के गुणों को आत्मसात करके राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आग्रह भी किया।</p>
<p><a href="https://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2022/10/Rajnaths-warning-to-China-1.webp"><img decoding="async" class=" wp-image-19817 aligncenter" src="https://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2022/10/Rajnaths-warning-to-China-1-300x171.webp" alt="" width="605" height="345" srcset="http://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2022/10/Rajnaths-warning-to-China-1-300x171.webp 300w, http://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2022/10/Rajnaths-warning-to-China-1-700x400.webp 700w, http://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2022/10/Rajnaths-warning-to-China-1-570x326.webp 570w, http://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2022/10/Rajnaths-warning-to-China-1-500x286.webp 500w, http://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2022/10/Rajnaths-warning-to-China-1.webp 768w" sizes="(max-width: 605px) 100vw, 605px" /></a></p>
<p><strong>देश के जवान करते हैं मातृभूमि की सेवा</strong></p>
<p>राजनाथ सिंह गैर सरकारी संगठन ‘मारुति वीर जवान ट्रस्ट’ द्वारा आयोजित ‘शहीदों को सलाम’ कार्यक्रम को डिजिटल माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों के जवान क्षेत्र, धर्म, जाति और भाषा के बंधनों से ऊपर उठकर नि:स्वार्थ भाव से मातृभूमि की सेवा करते हैं। साथ ही लोगों को विभिन्न खतरों से सुरक्षित रखते हैं। सिंह ने कहा कि उसी तरह से हमारे क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारे स्वाधीनता सेनानियों और बहादुर सैनिकों के आदर्शों एवं संकल्पों को आगे बढ़ाना प्रत्येक भारतीय नागरिक का कर्तव्य है। देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है।</p>
<p><strong>जरूरी वेबसाइट्स की दी जानकारी</strong></p>
<p>सिंह ने बताया कि गृह मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान, ‘भारत के वीर’ नाम का कोष शुरू किया गया था। यह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के जवानों और कर्मियों के परिवारों की सहायता करने के उद्देश्य से लिए गए उनके प्रमुख निर्णयों में से एक था। रक्षा मंत्री ने बताया कि हाल ही में, रक्षा मंत्रालय ने ‘मां भारती के सपूत’ वेबसाइट शुरू की है, ताकि लोग सशस्त्र बल युद्ध हताहत कोष में अधिक योगदान कर सकें। सिंह ने कहा कि सशस्त्र बलों को स्वदेशी अत्याधुनिक हथियारों/उपकरणों से लैस करके देश के सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।</p>
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		<title>अनुच्छेद 370 खत्म, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख बने केंद्र शासित प्रदेश</title>
		<link>http://www.aajkiawaaz.com/article-370-abolished-jammu-and-kashmir-and-ladakh-became-union-territories</link>
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		<dc:creator><![CDATA[आज की आवाज़ टीम]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 05 Aug 2019 11:42:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जम्मू और कश्मीर]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्य ख़बरें]]></category>
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		<category><![CDATA[राजनैतिक मुद्दा]]></category>
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		<category><![CDATA[Latest National news]]></category>
		<category><![CDATA[Proposal]]></category>
		<category><![CDATA[rajya sabha]]></category>
		<category><![CDATA[Section 370]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली: कश्मीर के मुद्दे को लेकर संसद में गहमा-गहमी का माहौल के बीच मोदी सरकार ने बड़ा फैसला कर दिया है। जम्मू-कश्मीर अब पूर्ण राज्य नहीं रह गया है। इसे दो टुकड़ों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में तोड़ दिया गया है और दोनों को ही केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया है। यानी अब जम्मू-कश्मीर राज्य नहीं रहेगा और वह केंद्र शासित प्रदेश होगा। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर को मिला विशेष राज्य का दर्जा भी खत्म हो गया है। गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कश्मीर में धारा 370 को हटाने का संकल्प पेश किया। इसके बाद संसद में हो-हल्ला शुरू हो गया। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि सात अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित कर सकते हैं। इसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि आज यानी सोमवार को ही एनएसए अजीत डोवाल जम्मू-कश्मीर का दौरा कर सकते हैं। सुरक्षा बलों को हाई-अलर्ट पर रखा गया है। अमित शाह ने राज्यसभा में सोमवार को कहा कि हम जो चारों संकल्प और बिल लेकर आए हैं, वह कश्मीर मुद्दे पर ही हैं। शाह ने कहा कि मैं अब अपना संकल्प प्रस्तुत करता हूं। अनुच्छेद 370 (1) के अलावा सभी खंड राष्ट्रपति के &#8230;</p>
<p>The post <a href="http://www.aajkiawaaz.com/article-370-abolished-jammu-and-kashmir-and-ladakh-became-union-territories">अनुच्छेद 370 खत्म, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख बने केंद्र शासित प्रदेश</a> appeared first on <a href="http://www.aajkiawaaz.com">www.aajkiawaaz.com</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली: कश्मीर के मुद्दे को लेकर संसद में गहमा-गहमी का माहौल के बीच मोदी सरकार ने बड़ा फैसला कर दिया है। जम्मू-कश्मीर अब पूर्ण राज्य नहीं रह गया है। इसे दो टुकड़ों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में तोड़ दिया गया है और दोनों को ही केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया है। यानी अब जम्मू-कश्मीर राज्य नहीं रहेगा और वह केंद्र शासित प्रदेश होगा। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर को मिला विशेष राज्य का दर्जा भी खत्म हो गया है।</strong></p>
<p>गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कश्मीर में धारा 370 को हटाने का संकल्प पेश किया। इसके बाद संसद में हो-हल्ला शुरू हो गया। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि सात अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित कर सकते हैं। इसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि आज यानी सोमवार को ही एनएसए अजीत डोवाल जम्मू-कश्मीर का दौरा कर सकते हैं। सुरक्षा बलों को हाई-अलर्ट पर रखा गया है।</p>
<p>अमित शाह ने राज्यसभा में सोमवार को कहा कि हम जो चारों संकल्प और बिल लेकर आए हैं, वह कश्मीर मुद्दे पर ही हैं। शाह ने कहा कि मैं अब अपना संकल्प प्रस्तुत करता हूं। अनुच्छेद 370 (1) के अलावा सभी खंड राष्ट्रपति के अनुमोदन के बाद खत्म होंगे।</p>
<p>गृह मंत्री अमित शाह ने जैसे ही यह संकल्प पेश किया, राज्यसभा में विपक्ष ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। अमित शाह के इस संकल्प का सीधा सा अर्थ है कि जम्मू-कश्मीर में धारा 370 को हटा दिया गया है। यह अब विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश होगा।</p>
<p><a href="https://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2019/08/Latest-news-on-Kashmir-issue...jpg"><img decoding="async" class=" wp-image-13716 aligncenter" src="https://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2019/08/Latest-news-on-Kashmir-issue..-300x194.jpg" alt="" width="510" height="330" srcset="http://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2019/08/Latest-news-on-Kashmir-issue..-300x194.jpg 300w, http://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2019/08/Latest-news-on-Kashmir-issue..-700x453.jpg 700w, http://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2019/08/Latest-news-on-Kashmir-issue..-570x369.jpg 570w, http://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2019/08/Latest-news-on-Kashmir-issue..-500x324.jpg 500w, http://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2019/08/Latest-news-on-Kashmir-issue...jpg 715w" sizes="(max-width: 510px) 100vw, 510px" /></a></p>
<p>इसके साथ ही दूसरी बड़ी घोषणा है कि लद्दाख को भी जम्मू-कश्मीर से अलग कर दिया गया है। लद्दाख अब बिना विधानसभा वाला एक अलग केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया है। संविधान (जम्मू कश्मीर में लागू) आदेश 2019 को राष्ट्रपति ने लागू कर दिया। इस घोषणा के होते ही राज्यसभा में PDP सांसद ने अपने कपड़े फाड़ लिए। विपक्षी दल के सांसद राज्यसभा में जमीन पर बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।</p>
<p>अमित शाह ने कहा कि संविधान में अनुच्छेद 370 अस्थाई थी। इसका मतलब ही यह था कि इसे किसी न किसी दिन हटाया जाना था, लेकिन अभी तक किसी में राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं थी, लोग वोट बैंक की राजनीति करते थे, लेकिन हमें वोट बैंक की परवाह नहीं है। इतने सालों से देश में जम्मू कश्मीर के अल्पसंख्यकों को आरक्षण का लाभ नहीं मिला, अब समय आ गया है कि इस अनुच्छेद को हटाया जाए और इसमें एक सेकेंड की भी देरी न की जाए। राज्य सभा के सभापति वैंकेया नायडू ने कहा कि इस बिल के लिए 12:30 बजे तक चर्चा का समय रहेगा। वोटिंग अलग से होगी।</p>
<p>समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव के सवाल का जवाब देते हुए राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मुझे बड़ा अच्छा लगता कि सारे सदस्य सरकार से जान लेते कि हम किस पद्धति से ऐसा करने जा रहे हैं। अनुच्छेद 370 में ही इसका प्रावधान है। इसमें राष्ट्रपति के पास ऐसा प्रावधान है जिसके जरिए इसमें कुछ धाराओं को हटाया जा सकता है।</p>
<p>ऐसा पहली बार नहीं हुआ, इस सदन में इससे पहले कांग्रेस खुद भी ऐसा कर चुकी है। शाह ने कहा कि कांग्रेस ने 1952 और 1962 में इसी तरह से अनुच्छेद 370 को संशोधित किया था। इसलिए विरोध करने के बजाए चर्चा कीजिए और आपकी जो भी गलतफहमियां हैं उन्हें दूर करें। मैं आपके सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हूं।</p>
<p>बताया जा रहा है कि स्वतंत्रता दिवस पर राज्य की सभी पंचायतों में तिरंगे को फहराया जाएगा। इसमें कोई अलगाववादी तत्व बाधा न डालें, इसलिए जवानों को वहां भेजा गया है। साथ ही पाकिस्तान की तरफ से होने वाली किसी भी अवांछित हरकत या आतंकियों की घुसपैठ को विफल करने के लिए भी जवानों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।</p>
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		<title>जानिए, वो कौन सा पोलिंग बूथ है, जहां हैं सिर्फ 7 मतदाता</title>
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		<dc:creator><![CDATA[आज की आवाज़ टीम]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 May 2019 10:33:32 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली : आज देश की 51 लोकसभा सीटों पर 5वें चरण के मतदान हो रहे हैं। देश के 7 राज्यों की जिन लोकसभा सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं, उन्हीं में से एक है लद्दाख लोकसभा सीट। यह संभवत: देश की सबसे रोचक सीट है क्योंकि आकार के लिहाज से यह काफी बड़ा इलाका है, मगर कुछ वोटिंग बूथ ऐसे हैं जहां सिर्फ 7-7 मतदाता हैं। लद्दाख के दो मतदान केंद्र ऐसे हैं जिस पर मात्र सात-सात वोटर हैं। उन बूथ पर मतदान कराने के लिए न्यूनतम 3 मतदानकर्मी और 2 सुरक्षाकर्मी को तैनात किए गए हैं। लेह विधानसभा क्षेत्र का गैक और नुबरा विधानसभा क्षेत्र के वाशी बूथ पर भी केवल 7-7 वोटर हैं। लेह के शिनेम मतदान केंद्र पर सबसे अधिक 1301 मतदाता मतदान करेंगे। फुस्तान मतदान केंद्र पर मात्र 23 वोटर हैं पर पोलिंग टीम उन्हें मतदान का हक दिलाने के लिए आठ किलोमीटर पहाड़ों के रास्ते चलकर पहुंचेगी। लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र में मतदान केंद्र बनाया गया है जो समुद्र तल से 15 हजार फीट की ऊंचाई पर है। फिलहाल लाहौल स्फीती का टशीगंग मतदान केंद्र देश का सबसे ऊंचा मतदान केंद्र माना गया है। वह 15 हजार 256 फीट की ऊंचाई पर बनाया &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली : आज देश की 51 लोकसभा सीटों पर 5वें चरण के मतदान हो रहे हैं। देश के 7 राज्यों की जिन लोकसभा सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं, उन्हीं में से एक है लद्दाख लोकसभा सीट। यह संभवत: देश की सबसे रोचक सीट है क्योंकि आकार के लिहाज से यह काफी बड़ा इलाका है, मगर कुछ वोटिंग बूथ ऐसे हैं जहां सिर्फ 7-7 मतदाता हैं।</strong></p>
<p>लद्दाख के दो मतदान केंद्र ऐसे हैं जिस पर मात्र सात-सात वोटर हैं। उन बूथ पर मतदान कराने के लिए न्यूनतम 3 मतदानकर्मी और 2 सुरक्षाकर्मी को तैनात किए गए हैं। लेह विधानसभा क्षेत्र का गैक और नुबरा विधानसभा क्षेत्र के वाशी बूथ पर भी केवल 7-7 वोटर हैं। लेह के शिनेम मतदान केंद्र पर सबसे अधिक 1301 मतदाता मतदान करेंगे। फुस्तान मतदान केंद्र पर मात्र 23 वोटर हैं पर पोलिंग टीम उन्हें मतदान का हक दिलाने के लिए आठ किलोमीटर पहाड़ों के रास्ते चलकर पहुंचेगी।</p>
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<p>लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र में मतदान केंद्र बनाया गया है जो समुद्र तल से 15 हजार फीट की ऊंचाई पर है। फिलहाल लाहौल स्फीती का टशीगंग मतदान केंद्र देश का सबसे ऊंचा मतदान केंद्र माना गया है। वह 15 हजार 256 फीट की ऊंचाई पर बनाया गया है। उसके बाद लद्दाख के अनले फो का नंबर आता है। यह मतदान केंद्र भारत चीन के बीच तय एलएसी (वास्तविक नियंत्रण रेखा) से मात्र 50 मीटर की दूरी पर है।</p>
<p>लद्दाख लोकसभा सीट जम्मू और कश्मीर की 6 लोकसभा सीटों में से एक है। इस बार लद्दाख लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी ने जामयांग शेरिंग नामग्याल को चुनाव मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस पार्टी ने रिगजिन स्पालबार पर दांव लगाया है। इसके अलावा असगर अली कर्बलाई और सज्जाद हुसैन बतौर निर्दलीय अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।</p>
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