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		<title>UCC News: नीतीश कुमार की 2017 की चिट्ठी फिर चर्चा में, UCC पर क्या था उनका रुख? अब JD(U) क्या करेगी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[आज की आवाज़ टीम]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 Sep 2026 08:56:34 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>UCC News: अमित शाह के 2029 से पहले NDA शासित राज्यों में UCC लागू करने के बयान के बीच नीतीश कुमार की 2017 की चिट्ठी चर्चा में है। जानें तब उन्होंने UCC पर क्या कहा था और अब JD(U) का रुख क्या है। UCC News: यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर बिहार की राजनीति में बहस फिर तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 2029 से पहले सभी NDA शासित राज्यों में UCC लागू करने के बयान के बीच नीतीश कुमार की 2017 की चिट्ठी चर्चा में है। उस समय नीतीश कुमार ने विधि आयोग से कहा था कि UCC जैसे संवेदनशील मुद्दे पर व्यापक सहमति और सभी पक्षों से चर्चा जरूरी है। वहीं, मौजूदा समय में JD(U) ने कहा है कि प्रस्तावित कानून का प्रारूप और प्रावधान सामने आने के बाद ही पार्टी अपना रुख तय करेगी। 2017 में नीतीश कुमार ने विधि आयोग को क्या लिखा था? साल 2017 में बिहार के मुख्यमंत्री और JD(U) के नेता नीतीश कुमार ने तत्कालीन विधि आयोग के अध्यक्ष जस्टिस बीएस चौहान को UCC को लेकर पत्र लिखा था। 12 जनवरी 2017 के पत्र में नीतीश कुमार ने कहा था कि प्रस्तावित UCC की स्पष्ट जानकारी और उसके स्वरूप &#8230;</p>
<p>The post <a href="http://www.aajkiawaaz.com/nitish-kumar-2017-ucc-letter-jdu-stand-uniform-civil-code-bihar">UCC News: नीतीश कुमार की 2017 की चिट्ठी फिर चर्चा में, UCC पर क्या था उनका रुख? अब JD(U) क्या करेगी</a> appeared first on <a href="http://www.aajkiawaaz.com">www.aajkiawaaz.com</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>UCC News: अमित शाह के 2029 से पहले NDA शासित राज्यों में UCC लागू करने के बयान के बीच नीतीश कुमार की 2017 की चिट्ठी चर्चा में है। जानें तब उन्होंने UCC पर क्या कहा था और अब JD(U) का रुख क्या है।</p>
<p>UCC News: यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर बिहार की राजनीति में बहस फिर तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 2029 से पहले सभी NDA शासित राज्यों में UCC लागू करने के बयान के बीच नीतीश कुमार की 2017 की चिट्ठी चर्चा में है। उस समय नीतीश कुमार ने विधि आयोग से कहा था कि UCC जैसे संवेदनशील मुद्दे पर व्यापक सहमति और सभी पक्षों से चर्चा जरूरी है। वहीं, मौजूदा समय में JD(U) ने कहा है कि प्रस्तावित कानून का प्रारूप और प्रावधान सामने आने के बाद ही पार्टी अपना रुख तय करेगी।</p>
<p><strong>2017 में नीतीश कुमार ने विधि आयोग को क्या लिखा था?</strong></p>
<p>साल 2017 में बिहार के मुख्यमंत्री और JD(U) के नेता नीतीश कुमार ने तत्कालीन विधि आयोग के अध्यक्ष जस्टिस बीएस चौहान को UCC को लेकर पत्र लिखा था।</p>
<p>12 जनवरी 2017 के पत्र में नीतीश कुमार ने कहा था कि प्रस्तावित UCC की स्पष्ट जानकारी और उसके स्वरूप के अभाव में इस पर कोई ठोस राय बनाना संभव नहीं है। उन्होंने विधि आयोग की प्रश्नावली को लेकर भी आपत्ति जताई थी और कहा था कि सवाल इस तरह तैयार किए गए हैं कि जवाब देने वाले को सीमित विकल्पों में उत्तर देना पड़े।</p>
<p>नीतीश कुमार ने यह भी कहा था कि UCC को जल्दबाजी में लागू करने के बजाय इस विषय पर संसद, राज्य विधानसभाओं और नागरिक समाज के विभिन्न मंचों पर विस्तृत बहस होनी चाहिए।</p>
<p><strong>‘व्यापक सहमति के बिना UCC लागू करने से सामाजिक असहमति बढ़ सकती है’</strong></p>
<p>2017 के अपने रुख में नीतीश कुमार ने भारत की सामाजिक और धार्मिक विविधता का उल्लेख किया था। उनका कहना था कि देश में अलग-अलग समुदायों के व्यक्तिगत कानून और लंबे समय से चली आ रही परंपराएं हैं, इसलिए UCC पर आगे बढ़ने से पहले सभी संबंधित पक्षों को विश्वास में लेना जरूरी है।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा था कि विभिन्न धार्मिक समूहों, खासकर अल्पसंख्यक समुदायों के बीच सहमति बनाए बिना UCC लागू करने की कोशिश सामाजिक असहमति पैदा कर सकती है और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े संवैधानिक भरोसे को प्रभावित कर सकती है।</p>
<p><strong>25 जनवरी 2017 को JD(U) अध्यक्ष के तौर पर भी दिया था रुख</strong></p>
<p>UCC पर नीतीश कुमार की चर्चा सिर्फ बिहार सरकार के पत्र तक सीमित नहीं रही थी। जनवरी 2017 में JD(U) अध्यक्ष के तौर पर भी उन्होंने विधि आयोग को अपनी राय भेजी थी।</p>
<p>इस पत्र में उन्होंने कहा था कि UCC को लोगों के कल्याण और सुधार के उपाय के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि ऐसा राजनीतिक माध्यम जिसके जरिए इसे जल्दबाजी में लागू किया जाए। उन्होंने UCC को टिकाऊ बनाने के लिए व्यापक सहमति की आवश्यकता पर जोर दिया था।</p>
<p>यही वजह है कि मौजूदा UCC बहस में 2017 का यह रुख JD(U) की वर्तमान स्थिति को समझने के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ बन गया है।</p>
<p><strong>UCC पर अमित शाह के बयान के बाद फिर बढ़ी राजनीतिक हलचल</strong></p>
<p>UCC पर मौजूदा बहस केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 13 सितंबर 2026 के बयान के बाद तेज हुई। शाह ने कहा था कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले BJP-NDA शासित सभी 21 राज्यों में UCC लागू किया जाएगा।</p>
<p>इसके बाद NDA के सहयोगी दलों के रुख पर चर्चा शुरू हो गई है। खास तौर पर बिहार में JD(U) का रुख राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है।</p>
<p><strong>JD(U) ने कहा- पहले ड्राफ्ट और प्रावधान देखेंगे</strong></p>
<p>मौजूदा स्थिति में JD(U) ने UCC पर सीधे समर्थन या विरोध का अंतिम फैसला घोषित नहीं किया है।</p>
<p>बिहार के उपमुख्यमंत्री और JD(U) के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने 15 सितंबर 2026 को कहा कि पार्टी पहले प्रस्तावित कानून को विस्तार से देखेगी और उसके प्रावधानों के आधार पर अपना रुख तय करेगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि किसी प्रावधान को लेकर आपत्ति या चिंता सामने आती है तो केंद्र के साथ उस पर बातचीत की जाएगी।</p>
<p>इस रुख से संकेत मिलता है कि JD(U) फिलहाल UCC के सिद्धांत पर तत्काल अंतिम फैसला लेने के बजाय प्रस्तावित कानून के वास्तविक स्वरूप का इंतजार कर रही है।</p>
<p><strong>2017 की चिट्ठी और 2026 का रुख—क्या बदला?</strong></p>
<p>नीतीश कुमार के 2017 के पत्र और JD(U) के मौजूदा बयान में एक समानता दिखाई देती है—कानून के प्रावधानों को समझने और व्यापक चर्चा की जरूरत।</p>
<p>2017 में नीतीश कुमार ने प्रस्तावित UCC का विस्तृत स्वरूप सामने नहीं होने और व्यापक सहमति के अभाव को अपनी चिंता का आधार बनाया था।</p>
<p>वहीं 2026 में JD(U) कह रही है कि पहले UCC का ड्राफ्ट और उसके प्रावधान सामने आएं, उसके बाद पार्टी अपना फैसला करेगी।</p>
<p>हालांकि दोनों परिस्थितियों की राजनीतिक पृष्ठभूमि अलग है, इसलिए केवल पुराने पत्र के आधार पर JD(U) के वर्तमान अंतिम रुख का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।</p>
<p><strong>UCC और संविधान का अनुच्छेद 44 क्या कहता है?</strong></p>
<p>UCC का संवैधानिक आधार अनुच्छेद 44 में मिलता है। संविधान के नीति-निर्देशक तत्वों में कहा गया है कि राज्य भारत के सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा।</p>
<p>यह प्रावधान नीति-निर्देशक तत्वों का हिस्सा है। इसलिए इसका स्वरूप मौलिक अधिकारों वाले प्रावधानों से अलग है।</p>
<p>UCC के तहत आम तौर पर विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और अन्य व्यक्तिगत मामलों से जुड़े कानूनों में समानता की बात की जाती है। हालांकि किसी प्रस्तावित UCC में वास्तव में कौन-कौन से प्रावधान होंगे, यह उसके अंतिम कानून या राज्यवार कानून के स्वरूप पर निर्भर करेगा।</p>
<p><strong>अब नजर JD(U) और BJP की बातचीत पर</strong></p>
<p>अमित शाह के 2029 से पहले 21 NDA शासित राज्यों में UCC लागू करने के लक्ष्य के बाद अब NDA के भीतर सहयोगी दलों के साथ बातचीत महत्वपूर्ण हो गई है।</p>
<p>JD(U) की ओर से फिलहाल यही संकेत है कि पार्टी प्रस्तावित कानून का अध्ययन करने के बाद फैसला करेगी। ऐसे में आने वाले दिनों में UCC का ड्राफ्ट सामने आने पर बिहार में राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है।</p>
<p>2017 की नीतीश कुमार की चिट्ठी इस बहस में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदर्भ जरूर बन गई</p>
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		<title>UCC News: NDA में UCC को लेकर कौन समर्थन में, कौन खिलाफ? TDP, JD(U), शिवसेना और LJP का रुख जानें</title>
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		<dc:creator><![CDATA[आज की आवाज़ टीम]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 15 Sep 2026 09:30:29 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>UCC News: 2029 से पहले NDA शासित राज्यों में UCC लागू करने के ऐलान के बाद गठबंधन में हलचल बढ़ी। TDP, शिवसेना और HAM(S) समर्थन में, जबकि JD(U) ने बिहार में आपत्ति जताई। UCC News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले NDA शासित सभी 21 राज्यों में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने के बयान के बाद गठबंधन के भीतर इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। TDP, शिवसेना और HAM(S) ने समर्थन का संकेत दिया है, जबकि बिहार में JD(U) ने फिलहाल इसे लागू करने को लेकर आपत्ति जताई है। LJP (राम विलास) ने प्रस्ताव का पूरा ड्राफ्ट सामने आने तक इंतजार करने की बात कही है। यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी Uniform Civil Code (UCC) को लेकर NDA के भीतर राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह एक जैसी नहीं है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान के बाद कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले NDA शासित सभी 21 राज्यों में UCC लागू किया जाएगा, गठबंधन के सहयोगी दलों के रुख पर चर्चा शुरू हो गई है। जहां कुछ सहयोगी दलों ने UCC का खुलकर समर्थन किया है, वहीं कुछ पार्टियां इसके प्रावधानों को देखने और व्यापक चर्चा के बाद फैसला लेने &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>UCC News:</strong> 2029 से पहले NDA शासित राज्यों में UCC लागू करने के ऐलान के बाद गठबंधन में हलचल बढ़ी। TDP, शिवसेना और HAM(S) समर्थन में, जबकि JD(U) ने बिहार में आपत्ति जताई।</p>
<p>UCC News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले NDA शासित सभी 21 राज्यों में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने के बयान के बाद गठबंधन के भीतर इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। TDP, शिवसेना और HAM(S) ने समर्थन का संकेत दिया है, जबकि बिहार में JD(U) ने फिलहाल इसे लागू करने को लेकर आपत्ति जताई है। LJP (राम विलास) ने प्रस्ताव का पूरा ड्राफ्ट सामने आने तक इंतजार करने की बात कही है।</p>
<p>यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी Uniform Civil Code (UCC) को लेकर NDA के भीतर राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह एक जैसी नहीं है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान के बाद कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले NDA शासित सभी 21 राज्यों में UCC लागू किया जाएगा, गठबंधन के सहयोगी दलों के रुख पर चर्चा शुरू हो गई है।</p>
<p>जहां कुछ सहयोगी दलों ने UCC का खुलकर समर्थन किया है, वहीं कुछ पार्टियां इसके प्रावधानों को देखने और व्यापक चर्चा के बाद फैसला लेने के पक्ष में हैं। सबसे ज्यादा ध्यान बिहार की जनता दल यूनाइटेड (JD(U)) के रुख पर है।</p>
<p><strong>TDP ने UCC का किया समर्थन</strong></p>
<p>आंध्र प्रदेश में सरकार चला रही तेलुगु देशम पार्टी (TDP) ने UCC का समर्थन करने का संकेत दिया है। लोकसभा में TDP के 16 सांसद हैं और केंद्र की NDA सरकार के लिए पार्टी का समर्थन महत्वपूर्ण माना जाता है।</p>
<p>TDP के लोकसभा नेता लावू कृष्ण देवरायालु के मुताबिक, पार्टी UCC का समर्थन करेगी। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल इस मुद्दे पर कोई औपचारिक चर्चा नहीं चल रही है। जरूरत पड़ने पर संबंधित पक्षों से बातचीत के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।</p>
<p>TDP के एक नेता ने समान नागरिक कानून की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भारत जैसे विविधता वाले देश में अलग-अलग धर्मों और संस्कृतियों के बीच समान नागरिक कानून पर विचार होना चाहिए।</p>
<p>हालांकि, TDP का मौजूदा रुख पार्टी के पहले के बयानों से अलग दिखाई देता है। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद NDA में शामिल होने से पहले पार्टी प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने UCC के मुद्दे पर मुस्लिम समुदाय के साथ खड़े रहने की बात कही थी।</p>
<p><strong>आंध्र प्रदेश में करीब 10 फीसदी मुस्लिम आबादी</strong></p>
<p>2011 की जनगणना के मुताबिक तत्कालीन आंध्र प्रदेश की कुल आबादी 8.45 करोड़ से अधिक थी। इसमें करीब 7.48 करोड़ हिंदू और लगभग 80.8 लाख मुस्लिम आबादी दर्ज की गई थी।</p>
<p>यानी राज्य की कुल आबादी में मुस्लिम समुदाय की हिस्सेदारी करीब 10 फीसदी थी। ऐसे में TDP का UCC पर समर्थन का संकेत आंध्र प्रदेश की राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p><strong>बिहार में JD(U) का अलग रुख</strong></p>
<p>बिहार में NDA की प्रमुख सहयोगी JD(U) ने UCC को लेकर फिलहाल अलग रुख अपनाया है। पार्टी नेता और पूर्व मंत्री श्याम रजक के मुताबिक, JD(U) राष्ट्रीय स्तर पर UCC का समर्थन करती है, लेकिन बिहार में इसे लागू करने के पक्ष में नहीं है।</p>
<p>रजक ने कहा कि पार्टी के नेता नीतीश कुमार पहले ही इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट कर चुके हैं। उनके मुताबिक UCC जैसा बड़ा और संवेदनशील कानून लागू करने से पहले देशभर में व्यापक सहमति बनाना जरूरी है।</p>
<p>JD(U) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय झा ने भी संकेत दिया है कि इस मुद्दे पर बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत की जाएगी। ऐसे में आने वाले समय में NDA के भीतर UCC को लेकर और चर्चा होने की संभावना है।</p>
<p><strong>LJP (राम विलास) ने ड्राफ्ट का इंतजार करने का दिया संकेत</strong></p>
<p>बिहार में NDA की एक अन्य सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने फिलहाल UCC पर कोई अंतिम रुख स्पष्ट नहीं किया है।</p>
<p>पार्टी की ओर से संकेत दिया गया है कि जब UCC का पूरा ड्राफ्ट या प्रस्ताव सामने आएगा, तभी उसके कानूनी प्रावधानों और संभावित प्रभावों का आकलन किया जाएगा।</p>
<p>इससे यह साफ होता है कि NDA के सभी सहयोगी दल फिलहाल UCC को लेकर एकमत नहीं हैं। कुछ पार्टियां समर्थन कर रही हैं, जबकि कुछ दल कानून के वास्तविक प्रावधान सामने आने के बाद फैसला लेने के पक्ष में हैं।</p>
<p><strong>पश्चिम बंगाल में भी UCC पर बढ़ सकती है राजनीतिक हलचल</strong></p>
<p>UCC को लेकर पश्चिम बंगाल में भी राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। राज्य में बीजेपी की नई सरकार बनने के बाद पार्टी नेताओं की ओर से UCC को लेकर आगे बढ़ने के संकेत दिए गए हैं।</p>
<p>बीजेपी बंगाल अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा है कि UCC पार्टी की लंबे समय से चली आ रही प्राथमिकताओं में शामिल रहा है और अब इसे लागू करने की दिशा में कदम उठाना सरकार की जिम्मेदारी है।</p>
<p>उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में बड़ी संख्या में लोग UCC के समर्थन में हैं। हालांकि, बीजेपी की नई सहयोगी नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) ने अभी इस मुद्दे पर अपना अंतिम रुख स्पष्ट नहीं किया है। पार्टी का कहना है कि UCC एक गंभीर विषय है और किसी भी निर्णय से पहले इस पर विस्तृत चर्चा जरूरी है।</p>
<p><strong>पश्चिम बंगाल में 27 फीसदी से ज्यादा मुस्लिम आबादी</strong></p>
<p>2011 की जनगणना के अनुसार पश्चिम बंगाल की कुल आबादी करीब 9.13 करोड़ थी। इसमें हिंदुओं की संख्या करीब 6.44 करोड़ और मुस्लिम आबादी लगभग 2.47 करोड़ थी।</p>
<p>इस हिसाब से राज्य की कुल आबादी में मुस्लिम समुदाय की हिस्सेदारी 27 फीसदी से अधिक थी। यही वजह है कि पश्चिम बंगाल में UCC का मुद्दा राजनीतिक के साथ-साथ सामाजिक रूप से भी संवेदनशील माना जाता है।</p>
<p><strong>शिवसेना और HAM(S) ने किया खुलकर समर्थन</strong></p>
<p>NDA की सहयोगी शिवसेना ने UCC के समर्थन में अपना रुख स्पष्ट किया है। पार्टी नेता श्रीकांत शिंदे ने UCC को समानता, न्याय और राष्ट्रीय एकता से जोड़ते हुए कहा कि यह पार्टी की पुरानी वैचारिक सोच के अनुरूप है।</p>
<p>उन्होंने संकेत दिया कि सरकार UCC को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ती है तो शिवसेना उसका सहयोग करेगी।</p>
<p>इसी तरह हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) यानी HAM(S) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने भी अमित शाह के बयान का स्वागत किया है और UCC को पार्टी का समर्थन देने की बात कही है।</p>
<p><strong>NDA के लिए सहयोगी दलों का समर्थन क्यों अहम?</strong></p>
<p>UCC केवल कानूनी मुद्दा नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील विषय है। ऐसे में केंद्र सरकार के लिए NDA के सहयोगी दलों की सहमति और समर्थन महत्वपूर्ण होगा।</p>
<p>लोकसभा में TDP के 16</p>
<p>, शिवसेना के 13, JD(U) के 12, LJP (राम विलास) के 5 और HAM(S) का 1 सांसद बताया गया है। राज्यसभा में भी TDP और JD(U) के 4-4 तथा शिवसेना के 2 सदस्य हैं।</p>
<p>ऐसे में UCC जैसे बड़े मुद्दे पर NDA के भीतर सहयोगी दलों के रुख की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। खासकर JD(U) और LJP जैसे बिहार के सहयोगियों का रुख राजनीतिक तौर पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।</p>
<p><strong>अभी NDA में पूरी तरह एकराय नहीं</strong></p>
<p>अमित शाह के बयान के बाद यह स्पष्ट है कि UCC को लेकर NDA के भीतर चर्चा तेज हो गई है, लेकिन सभी सहयोगी दलों की स्थिति फिलहाल एक जैसी नहीं है।</p>
<p>TDP, शिवसेना और HAM(S) ने समर्थन का संकेत दिया है, जबकि JD(U) ने बिहार में इसे लागू करने को लेकर आपत्ति जताई है। वहीं LJP (राम विलास) ने पूरा प्रस्ताव सामने आने के बाद फैसला लेने का संकेत दिया है।</p>
<p>अब बड़ा सवाल यह है कि UCC का अंतिम ड्राफ्ट सामने आने के बाद NDA के भीतर सहयोगी दलों की स्थिति किस तरह बदलती है और क्या केंद्र सरकार सभी राज्यों में इसे लागू करने को लेकर गठबंधन के भीतर सहमति बना पाती है।</p>
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		<title>संसद में FCRA और परिसीमन बिल अधर में, झारखंड लाठीचार्ज पर सत्ता-विपक्ष आमने-सामने</title>
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		<dc:creator><![CDATA[आज की आवाज़ टीम]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 07:20:07 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली :संसद के मानसून सत्र का अंतिम सप्ताह भी भारी गतिरोध की भेंट चढ़ता दिखाई दे रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी टकराव के कारण सदन की कार्यवाही लगातार प्रभावित हो रही है। मंगलवार को संसद परिसर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी दलों के सांसदों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी की। इस राजनीतिक टकराव के बीच अब महिला आरक्षण विधेयक, परिसीमन (Delimitation) विधेयक और विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) संशोधन विधेयक के मौजूदा मानसून सत्र में पारित होने पर भी संशय गहरा गया है। विपक्ष की मांग- गृह मंत्री दें जवाब विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि दिल्ली में Gen-Z आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज और राम मंदिर चंदा चोरी से जुड़े आरोपों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में बयान दें। विपक्ष का कहना है कि इन दोनों मुद्दों पर चर्चा कराए बिना सदन की कार्यवाही आगे नहीं बढ़नी चाहिए। सरकार का जवाब- चर्चा के लिए तैयार हैं अमित शाह सरकार की ओर से सोमवार को कहा गया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन विपक्ष को पहले हंगामा समाप्त कर सदन चलने देना होगा। हालांकि विपक्ष ने सरकार &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली :संसद के मानसून सत्र का अंतिम सप्ताह भी भारी गतिरोध की भेंट चढ़ता दिखाई दे रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी टकराव के कारण सदन की कार्यवाही लगातार प्रभावित हो रही है। मंगलवार को संसद परिसर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी दलों के सांसदों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी की।</p>
<p>इस राजनीतिक टकराव के बीच अब महिला आरक्षण विधेयक, परिसीमन (Delimitation) विधेयक और विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) संशोधन विधेयक के मौजूदा मानसून सत्र में पारित होने पर भी संशय गहरा गया है।</p>
<p><strong>विपक्ष की मांग- गृह मंत्री दें जवाब</strong></p>
<p>विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि दिल्ली में Gen-Z आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज और राम मंदिर चंदा चोरी से जुड़े आरोपों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में बयान दें।</p>
<p>विपक्ष का कहना है कि इन दोनों मुद्दों पर चर्चा कराए बिना सदन की कार्यवाही आगे नहीं बढ़नी चाहिए।</p>
<p><strong>सरकार का जवाब- चर्चा के लिए तैयार हैं अमित शाह</strong></p>
<p>सरकार की ओर से सोमवार को कहा गया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन विपक्ष को पहले हंगामा समाप्त कर सदन चलने देना होगा।</p>
<p>हालांकि विपक्ष ने सरकार के इस प्रस्ताव को पर्याप्त नहीं माना और कहा कि वह दोनों मुद्दों पर विस्तृत चर्चा चाहता है।</p>
<p><strong>लोकसभा की कार्यवाही फिर हुई बाधित</strong></p>
<p>मंगलवार को जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया।</p>
<p>स्थिति बिगड़ती देख लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष से सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि पूरा देश संसद की कार्यवाही देख रहा है।</p>
<p>हंगामा जारी रहने पर सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।</p>
<p><strong>संसद परिसर में सत्ता और विपक्ष आमने-सामने</strong></p>
<p>संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले संसद परिसर में भी राजनीतिक माहौल गरमा गया।</p>
<p>एनडीए सांसदों ने मार्च निकालते हुए हाथों में पोस्टर लेकर नारे लगाए—</p>
<ul>
<li>&#8220;राहुल गांधी जवाब दो&#8221;</li>
<li>&#8220;राहुल गांधी शर्म करो&#8221;</li>
</ul>
<p>वहीं विपक्षी सांसदों ने भी प्रदर्शन करते हुए नारे लगाए—</p>
<ul>
<li>&#8220;&#8221;अमित शाह जवाब दो&#8221;</li>
<li style="line-height: normal;">&#8220;चंदा किसने लूटा?</li>
</ul>
<p>कुछ समय के लिए दोनों पक्षों के सांसद आमने-सामने आ गए और संसद परिसर में जमकर नारेबाजी हुई।</p>
<p><strong>प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव का हमला</strong></p>
<p>कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि उन्होंने पहली बार सरकार के सांसदों को संसद परिसर में प्रदर्शन करते देखा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार को सदन में आकर विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए।</p>
<p>समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि शिक्षा, परीक्षा और राम मंदिर से जुड़े मुद्दे एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, इसलिए इन सभी विषयों पर संसद में चर्चा होनी चाहिए।</p>
<p>उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल युवाओं का डेटा एकत्र किया जा रहा है।</p>
<p><strong>झारखंड लाठीचार्ज बना भाजपा का नया मुद्दा</strong></p>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार झारखंड में छात्र आंदोलन के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज ने भाजपा को विपक्ष पर हमला करने का नया अवसर दे दिया है।</p>
<p>भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल दिल्ली की घटनाओं पर सवाल उठाते हैं, लेकिन झारखंड में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर चुप्पी साधे हुए हैं।</p>
<p>भाजपा के वरिष्ठ नेता तरुण चुग ने विपक्ष पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया, जबकि सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि अमित शाह सदन में जवाब देने को तैयार हैं और विपक्ष को चर्चा से नहीं भागना चाहिए।</p>
<p>झारखंड में कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और वाम दलों के गठबंधन की सरकार है। हाल ही में राहुल गांधी ने भी राज्य में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की आलोचना की थी।</p>
<p><strong>तीन बड़े विधेयकों पर बढ़ा संशय</strong></p>
<p>संसद के मानसून सत्र में अब केवल तीन कार्य दिवस शेष हैं। लगातार जारी गतिरोध के कारण कई महत्वपूर्ण विधेयकों के इसी सत्र में पारित होने की संभावना कम होती दिखाई दे रही है।</p>
<p>इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—</p>
<ul>
<li>महिला आरक्षण विधेयक</li>
<li>परिसीमन (Delimitation) विधेयक</li>
<li>FCRA (Foreign Contribution Regulation Act) संशोधन विधेयक</li>
</ul>
<p>सरकार ने इन विधेयकों को पारित कराने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की थी और पर्याप्त समर्थन जुटाने की कोशिश भी की थी।</p>
<p><strong>महिला आरक्षण और परिसीमन पर पहले भी बनी थी बाधा</strong></p>
<p>सूत्रों के अनुसार सरकार ने इन विधेयकों को लेकर कई राजनीतिक दलों से समर्थन मांगा था।</p>
<p>हालांकि कांग्रेस और उसके अधिकांश सहयोगी दलों ने महिला आरक्षण, परिसीमन और FCRA संशोधन विधेयक पर सरकार का विरोध करने के संकेत दिए थे।</p>
<p>महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा प्रस्ताव संविधान संशोधन विधेयक है, जिसमें लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण तथा भविष्य में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रावधान शामिल है।</p>
<p>बताया जाता है कि अप्रैल में सरकार इस प्रस्ताव के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सकी थी।</p>
<p><strong>FCRA संशोधन विधेयक भी लंबित</strong></p>
<p>Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill 2026 को 25 मार्च 2026 को लोकसभा में पेश किया गया था।</p>
<p>हालांकि सदन में लगातार जारी गतिरोध के कारण इस विधेयक पर चर्चा और पारित होने की प्रक्रिया भी फिलहाल अधर में लटकी हुई है।</p>
<p>यदि संसद में गतिरोध जारी रहता है, तो इन महत्वपूर्ण विधेयकों को अगले सत्र तक टाला जा सकता है।</p>
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		<item>
		<title>CJP Protest News: सरकार से बातचीत को लेकर CJP का इनकार? जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच बड़ा अपडेट</title>
		<link>http://www.aajkiawaaz.com/cjp-leaders-refuse-talks-with-government-jp-nadda-jantar-mantar-protest</link>
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		<dc:creator><![CDATA[आज की आवाज़ टीम]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 23 Jul 2026 08:31:18 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>जंतर-मंतर पर जारी CJP प्रदर्शन के बीच सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि संगठन के नेताओं ने सरकार के साथ बातचीत से इनकार कर दिया है। हालांकि सरकार का कहना है कि बातचीत के दरवाजे अब भी खुले हैं। जानिए पूरा घटनाक्रम। नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बीच सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत को लेकर नया घटनाक्रम सामने आया है। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि CJP के नेताओं ने केंद्र सरकार के साथ बातचीत से फिलहाल इनकार कर दिया है। हालांकि सरकार का कहना है कि संवाद के सभी रास्ते खुले हैं और जब भी संगठन बातचीत करना चाहे, सरकार तैयार है। नोट: CJP नेताओं द्वारा बातचीत से इनकार किए जाने के दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। सरकार ने बातचीत की इच्छा दोहराई सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार CJP के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर मौजूदा विवाद का समाधान निकालना चाहती है। इसी उद्देश्य से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ बैठक का प्रस्ताव भी रखा गया था, लेकिन खबर है कि संगठन के कुछ नेताओं ने फिलहाल बातचीत से दूरी बनाने का फैसला किया है। सरकार की ओर &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>जंतर-मंतर पर जारी CJP प्रदर्शन के बीच सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि संगठन के नेताओं ने सरकार के साथ बातचीत से इनकार कर दिया है। हालांकि सरकार का कहना है कि बातचीत के दरवाजे अब भी खुले हैं। जानिए पूरा घटनाक्रम।</p>
<p>नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बीच सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत को लेकर नया घटनाक्रम सामने आया है। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि CJP के नेताओं ने केंद्र सरकार के साथ बातचीत से फिलहाल इनकार कर दिया है। हालांकि सरकार का कहना है कि संवाद के सभी रास्ते खुले हैं और जब भी संगठन बातचीत करना चाहे, सरकार तैयार है।</p>
<p>नोट: CJP नेताओं द्वारा बातचीत से इनकार किए जाने के दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।</p>
<p><strong>सरकार ने बातचीत की इच्छा दोहराई</strong></p>
<p>सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार CJP के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर मौजूदा विवाद का समाधान निकालना चाहती है। इसी उद्देश्य से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ बैठक का प्रस्ताव भी रखा गया था, लेकिन खबर है कि संगठन के कुछ नेताओं ने फिलहाल बातचीत से दूरी बनाने का फैसला किया है।</p>
<p>सरकार की ओर से लगातार कहा जा रहा है कि प्रदर्शन से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए उसके दरवाजे खुले हुए हैं।</p>
<p><strong>गजेंद्र सिंह शेखावत ने विपक्ष पर साधा निशाना</strong></p>
<p>केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि कुछ लोग युवाओं की भावनाओं का इस्तेमाल कर आंदोलन को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार NEET सहित सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष संसद में चर्चा से बच रहा है।</p>
<p>वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि सरकार संसद के भीतर इस विषय पर चर्चा चाहती है।</p>
<p><strong>जेपी नड्डा ने पहले दिया था बातचीत का प्रस्ताव</strong></p>
<p>इससे पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोनम वांगचुक से मुलाकात की थी। दोनों के बीच करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई थी।</p>
<p>मुलाकात के बाद नड्डा ने कहा था कि जब भी CJP के प्रतिनिधि बातचीत के लिए समय तय करेंगे, सरकार उनसे मिलने को तैयार है। उन्होंने कहा था कि सरकार सभी मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा कर समाधान निकालना चाहती है।</p>
<p><strong>एक दिन पहले CJP ने जताई थी बातचीत की इच्छा</strong></p>
<p>दिलचस्प बात यह है कि बुधवार (22 जुलाई) को CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा था कि संगठन सरकार से बातचीत के लिए तैयार है। हालांकि उन्होंने इसके लिए कुछ शर्तें भी रखी थीं।</p>
<p>अब सामने आई नई जानकारी के मुताबिक, संगठन के भीतर बातचीत को लेकर अलग रुख देखने को मिल रहा है। इससे सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता को लेकर स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है।</p>
<p><strong>प्रदर्शन के बीच बढ़ा राजनीतिक तनाव</strong></p>
<p>जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों, लाठीचार्ज और राजनीतिक बयानबाजी के बीच सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच संवाद को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।</p>
<p>सरकार का कहना है कि वह शांतिपूर्ण समाधान चाहती है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी प्रमुख मांगों पर अड़े हुए हैं।</p>
<p>अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में दोनों पक्ष बातचीत की मेज पर आते हैं या नहीं।</p>
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		  <p>The post <a href="http://www.aajkiawaaz.com/cjp-leaders-refuse-talks-with-government-jp-nadda-jantar-mantar-protest">CJP Protest News: सरकार से बातचीत को लेकर CJP का इनकार? जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच बड़ा अपडेट</a> appeared first on <a href="http://www.aajkiawaaz.com">www.aajkiawaaz.com</a>.</p>
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		<title>भूटान से लौटते ही दिल्ली ब्लास्ट के पीड़ितों से मिलने LNJP अस्पताल पहुंचे पीएम मोदी, बोले – दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा</title>
		<link>http://www.aajkiawaaz.com/upon-returning-from-bhutan-pm-modi-visited-lnjp-hospital-to-meet-the-victims-of-the-delhi-blast-saying-the-culprits-will-not-be-spared</link>
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		<dc:creator><![CDATA[आज की आवाज़ टीम]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 12 Nov 2025 10:48:16 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>भूटान से लौटते ही पीएम मोदी पहुंचे एलएनजेपी अस्पताल, दिल्ली ब्लास्ट के घायलों से मिले — बोले, दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। Delhi Blast Update &#124; PM Modi Hospital Visit &#124; LNJP Hospital &#124; Delhi Red Fort Explosion नई दिल्ली, 12 नवंबर 2025: भूटान दौरे से लौटने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीधे दिल्ली के लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल पहुंचे. यहां उन्होंने लाल किले के पास हुए बम धमाके में घायल लोगों से मुलाकात की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. पीड़ितों से मिलने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “इस कायराना हमले की साजिश रचने वालों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा.” सोशल मीडिया पर पीएम मोदी का बयान प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक X (Twitter) अकाउंट पर लिखा – “दिल्ली में हुए बम विस्फोट में घायल हुए लोगों से मिलने एलएनजेपी अस्पताल गया. सभी के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं. जिन्होंने यह घिनौनी साजिश रची है, उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा.” उन्होंने आगे कहा कि सरकार हर संभव मदद करेगी और पीड़ितों को सर्वश्रेष्ठ इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है. भूटान से लौटकर सीधे अस्पताल पहुंचे पीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कदम दिखाता है कि &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>भूटान से लौटते ही पीएम मोदी पहुंचे एलएनजेपी अस्पताल, दिल्ली ब्लास्ट के घायलों से मिले — बोले, दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।</p>
<p><strong>Delhi Blast Update | PM Modi Hospital Visit | LNJP Hospital | Delhi Red Fort Explosion</strong></p>
<p><strong>नई दिल्ली, 12 नवंबर 2025:</strong> भूटान दौरे से लौटने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीधे दिल्ली के लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल पहुंचे. यहां उन्होंने लाल किले के पास हुए बम धमाके में घायल लोगों से मुलाकात की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की.</p>
<p>पीड़ितों से मिलने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “इस कायराना हमले की साजिश रचने वालों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा.”</p>
<p><strong>सोशल मीडिया पर पीएम मोदी का बयान</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक X (Twitter) अकाउंट पर लिखा –</p>
<p>“दिल्ली में हुए बम विस्फोट में घायल हुए लोगों से मिलने एलएनजेपी अस्पताल गया. सभी के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं. जिन्होंने यह घिनौनी साजिश रची है, उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा.”</p>
<p>उन्होंने आगे कहा कि सरकार हर संभव मदद करेगी और पीड़ितों को सर्वश्रेष्ठ इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है.</p>
<p><strong>भूटान से लौटकर सीधे अस्पताल पहुंचे पीएम</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कदम दिखाता है कि उन्होंने इस हादसे को कितनी गंभीरता से लिया है.<br />
भूटान की द्विपक्षीय यात्रा पूरी करने के बाद एयरपोर्ट से सीधे एलएनजेपी अस्पताल पहुंचकर उन्होंने घायलों से बातचीत की और डॉक्टरों से इलाज की स्थिति की जानकारी ली.</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल से लौटने के बाद पीएम मोदी एक अहम सुरक्षा बैठक में हिस्सा लेंगे, जिसमें गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल समेत शीर्ष अधिकारी मौजूद रहेंगे.</p>
<p><strong>बीजेपी नेताओं ने की पीएम मोदी के समर्पण की सराहना</strong></p>
<p>भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने X पर लिखा,</p>
<p>“एक ऐसा नेता जो 24 घंटे राष्ट्रहित में समर्पित है. भूटान से लौटते ही प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली ब्लास्ट के घायलों से मिलने सीधे अस्पताल पहुंचे.”</p>
<p>वहीं प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा,</p>
<p>“प्रधानमंत्री मोदी का यह संकल्प दिखाता है कि जो लोग इस हमले के पीछे हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा.”</p>
<p><strong>अमित शाह पहले ही कर चुके हैं घायलों से मुलाकात</strong></p>
<p>इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह धमाके के कुछ देर बाद ही एलएनजेपी अस्पताल पहुंचे थे. उन्होंने घायलों से मुलाकात की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि इलाज में किसी भी तरह की देरी या लापरवाही नहीं होनी चाहिए.</p>
<p><strong>दिल्ली ब्लास्ट में अब तक 12 की मौत, 20 से अधिक घायल</strong></p>
<p>10 नवंबर को लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए शक्तिशाली धमाके में अब तक 12 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हैं.<br />
सभी घायलों को इलाज के लिए एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.<br />
धमाके के बाद से ही दिल्ली, फरीदाबाद और हरियाणा में हाई अलर्ट जारी है और सुरक्षा एजेंसियां लगातार छापेमारी कर रही हैं.</p>
<p><strong>पीएम मोदी बोले – “सरकार हर संभव सहायता देगी”</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ घटना की समीक्षा की है.<br />
उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी और दोषियों को कड़ी सज़ा दी जाएगी.</p>
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		<title>Bihar Election 2025: बिहार चुनाव से पहले अमित शाह का कांग्रेस-RJD पर वार, कहा – “कश्मीर से नहीं हटाना चाहते थे धारा 370”</title>
		<link>http://www.aajkiawaaz.com/bihar-election-2025-amit-shah-attacks-congress-rjd-ahead-of-bihar-elections-says-they-didnt-want-to-remove-article-370-from-kashmir</link>
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		<dc:creator><![CDATA[आज की आवाज़ टीम]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Oct 2025 09:43:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बिहार]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्य ख़बरें]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राजनैतिक मुद्दा]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्र]]></category>
		<category><![CDATA[Amit Shah]]></category>
		<category><![CDATA[article 370]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar Election 2025]]></category>
		<category><![CDATA[Congress-RJD]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल गर्माने लगा है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बुधवार (29 अक्टूबर) को बिहार के दरभंगा पहुंचे और एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर तीखा हमला बोला और कहा कि अगर कांग्रेस और लालू यादव की सरकार चल रही होती, तो जम्मू-कश्मीर से धारा 370 कभी नहीं हटती। “कांग्रेस-लालू कंपनी का बस चलता तो 370 आज भी कायम रहती” अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा, “कांग्रेस पार्टी और लालू एंड कंपनी ने 70 साल तक धारा 370 को बचाकर रखा था। अगर इनका बस चलता, तो कश्मीर आज भी बाकी भारत से अलग रहता। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धारा 370 को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। अब जम्मू-कश्मीर पूरी तरह भारत का अभिन्न हिस्सा है।” उन्होंने कहा कि पहले के दौर में जब आतंकवादी भारत पर हमला करते थे, तब कोई जवाब नहीं मिलता था। लेकिन आज, “मोदी जी के नेतृत्व में हम आतंकियों को उनके घर में घुसकर मारते हैं। देश में आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब देने की परंपरा मोदी जी ने शुरू की है।” मिथिला के सम्मान के लिए गिनाईं उपलब्धियां अमित शाह ने अपने भाषण में &#8230;</p>
<p>The post <a href="http://www.aajkiawaaz.com/bihar-election-2025-amit-shah-attacks-congress-rjd-ahead-of-bihar-elections-says-they-didnt-want-to-remove-article-370-from-kashmir">Bihar Election 2025: बिहार चुनाव से पहले अमित शाह का कांग्रेस-RJD पर वार, कहा – “कश्मीर से नहीं हटाना चाहते थे धारा 370”</a> appeared first on <a href="http://www.aajkiawaaz.com">www.aajkiawaaz.com</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल गर्माने लगा है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बुधवार (29 अक्टूबर) को बिहार के दरभंगा पहुंचे और एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर तीखा हमला बोला और कहा कि अगर कांग्रेस और लालू यादव की सरकार चल रही होती, तो जम्मू-कश्मीर से धारा 370 कभी नहीं हटती।</p>
<p><strong>“कांग्रेस-लालू कंपनी का बस चलता तो 370 आज भी कायम रहती”</strong></p>
<p>अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा,</p>
<p>“कांग्रेस पार्टी और लालू एंड कंपनी ने 70 साल तक धारा 370 को बचाकर रखा था। अगर इनका बस चलता, तो कश्मीर आज भी बाकी भारत से अलग रहता। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धारा 370 को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। अब जम्मू-कश्मीर पूरी तरह भारत का अभिन्न हिस्सा है।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि पहले के दौर में जब आतंकवादी भारत पर हमला करते थे, तब कोई जवाब नहीं मिलता था। लेकिन आज,</p>
<p>“मोदी जी के नेतृत्व में हम आतंकियों को उनके घर में घुसकर मारते हैं। देश में आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब देने की परंपरा मोदी जी ने शुरू की है।”</p>
<p><strong>मिथिला के सम्मान के लिए गिनाईं उपलब्धियां</strong></p>
<p>अमित शाह ने अपने भाषण में मिथिला क्षेत्र के विकास को लेकर भी कई बातें कहीं। उन्होंने कहा,</p>
<p>“हमने मिथिला के सम्मान के लिए ढेर सारी चीजें की हैं। मैथिली भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल किया, मधुबनी पेंटिंग को GI टैग दिलाया और मखाना बोर्ड की स्थापना की। यहां भव्य सीता माता मंदिर भी बनने जा रहा है। साढ़े 500 साल तक रामलला टेंट में रहे, लेकिन हमने अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाकर देशवासियों का सपना पूरा किया।”</p>
<p><strong>PFI पर बोले अमित शाह – “जेल से बाहर नहीं आने देंगे”</strong></p>
<p>गृहमंत्री ने अपने भाषण में PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) को लेकर कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा,</p>
<p>“कांग्रेस की सरकारों के समय में PFI पनपता रहा, लेकिन किसी ने उस पर कार्रवाई नहीं की। प्रधानमंत्री मोदी ने एक ही रात में पीएफआई पर बैन लगाकर 100 से ज्यादा ठिकानों पर छापे मारे और पूरी जमात को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। जब तक भाजपा का एक भी सांसद जिंदा है, तब तक कोई भी PFI वाला जेल से बाहर नहीं आएगा।”</p>
<p><strong>गरीबों और किसानों के लिए योजनाओं का जिक्र</strong></p>
<p>अमित शाह ने मोदी सरकार की जनकल्याण योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा,</p>
<p>“पीएम मोदी के नेतृत्व में गरीबों के लिए 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया गया है। हर गरीब को घर देने का काम किया गया है। किसानों को सालाना 6 हजार रुपए पीएम किसान सम्मान निधि के तहत दिए जा रहे हैं। वहीं, पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत बिहार के 8 करोड़ 52 लाख लोगों को हर महीने 5 किलो अनाज मुफ्त मिल रहा है।”</p>
<p><strong>बिहार चुनाव से पहले बीजेपी का आक्रामक अभियान</strong></p>
<p>बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले बीजेपी पूरी तरह से मैदान में उतर चुकी है। अमित शाह की यह रैली न केवल चुनावी शंखनाद मानी जा रही है, बल्कि कांग्रेस और RJD के खिलाफ बीजेपी की रणनीतिक राजनीतिक आक्रामकता का संकेत भी दे रही है।<br />
विशेषज्ञों का मानना है कि मिथिला और उत्तरी बिहार में शाह की यह जनसभा पार्टी के लिए चुनावी जनसमर्थन जुटाने की बड़ी कोशिश है।</p>
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		<item>
		<title>&#8216;सौ शहाबुद्दीन भी आ जाएं तो&#8230;&#8217; — सिवान में अमित शाह ने लालू परिवार पर साधा निशाना, कहा- ओसामा/शहाबुद्दीन को नहीं जीतने देंगे</title>
		<link>http://www.aajkiawaaz.com/even-if-a-hundred-shahabuddins-come-amit-shah-targets-lalus-family-in-siwan-says-he-wont-let-osama-shahabuddin-win</link>
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		<dc:creator><![CDATA[आज की आवाज़ टीम]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Oct 2025 11:03:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[चुनाव]]></category>
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		<category><![CDATA[मुख्य ख़बरें]]></category>
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		<category><![CDATA[Bihar Assembly election]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सिवान (बिहार): बिहार विधानसभा चुनावी माहौल के बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सिवान में एक रैली के दौरान जमकर आक्रमक रुख अपनाया और आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव व उनके परिवार पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने इलाके में पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के कथित कुकृत्यों का जिक्र करते हुए कहा कि सिवान ने लालू के शासन में कठिन दौर देखा है और अब वहां “नीतीश कुमार–मोदी राज” है, जिसके चलते कोई भी अपराधी या घुसपैठिया आसानी से बच कर नहीं जाएगा। शाह ने सभा में लोकपाल-लहूलुहान जैसी तीखी भाषा का प्रयोग करते हुए कहा, “20-20 सालों तक लालू–राबड़ी के जंगलराज में शहाबुद्दीन का खौफ, अत्याचार और हत्याओं का दौर चला। सिवान की धरती लहूलूहान हुई, लेकिन सिवानवासियों ने झुकने से इंकार कर दिया। अब मोदी जी और नीतीश कुमार जी का राज है — सौ शहाबुद्दीन भी आ जाएं तो किसी का बाल बांका नहीं होगा।” उन्होंने यह भी दावा किया कि एनडीए ने बिहार को “जंगलराज” से मुक्त कराया है और इसी नेतृत्व में यह चुनाव लड़ा जा रहा है। शाह ने कहा कि जिन लोगों ने शासन में भ्रष्टाचार किया, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और इस बार मतदाता उनसे छुटकारा दिलाएंगे। लालू परिवार और घोटालों का जमकर &#8230;</p>
<p>The post <a href="http://www.aajkiawaaz.com/even-if-a-hundred-shahabuddins-come-amit-shah-targets-lalus-family-in-siwan-says-he-wont-let-osama-shahabuddin-win">&#8216;सौ शहाबुद्दीन भी आ जाएं तो&#8230;&#8217; — सिवान में अमित शाह ने लालू परिवार पर साधा निशाना, कहा- ओसामा/शहाबुद्दीन को नहीं जीतने देंगे</a> appeared first on <a href="http://www.aajkiawaaz.com">www.aajkiawaaz.com</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सिवान (बिहार): बिहार विधानसभा चुनावी माहौल के बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सिवान में एक रैली के दौरान जमकर आक्रमक रुख अपनाया और आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव व उनके परिवार पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने इलाके में पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के कथित कुकृत्यों का जिक्र करते हुए कहा कि सिवान ने लालू के शासन में कठिन दौर देखा है और अब वहां “नीतीश कुमार–मोदी राज” है, जिसके चलते कोई भी अपराधी या घुसपैठिया आसानी से बच कर नहीं जाएगा।</strong></p>
<p><strong>शाह ने सभा में लोकपाल-लहूलुहान जैसी तीखी भाषा का प्रयोग करते हुए कहा,</strong></p>
<p>“20-20 सालों तक लालू–राबड़ी के जंगलराज में शहाबुद्दीन का खौफ, अत्याचार और हत्याओं का दौर चला। सिवान की धरती लहूलूहान हुई, लेकिन सिवानवासियों ने झुकने से इंकार कर दिया। अब मोदी जी और नीतीश कुमार जी का राज है — सौ शहाबुद्दीन भी आ जाएं तो किसी का बाल बांका नहीं होगा।”</p>
<p>उन्होंने यह भी दावा किया कि एनडीए ने बिहार को “जंगलराज” से मुक्त कराया है और इसी नेतृत्व में यह चुनाव लड़ा जा रहा है। शाह ने कहा कि जिन लोगों ने शासन में भ्रष्टाचार किया, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और इस बार मतदाता उनसे छुटकारा दिलाएंगे।</p>
<p><strong>लालू परिवार और घोटालों का जमकर आरोप</strong></p>
<p>अमित शाह ने लालू पर आरोप लगाते हुए कई घोटालों का हवाला दिया और कहा कि राजद सरकारों के दौरान विकास नहीं हुआ। उन्होंने कहा,</p>
<p>“आपने 20 वर्षों में विकास का कोई काम किया हो तो सिवानवालों को बताइए। विकास नहीं किया गया, पर चारा घोटाला, लैंड-फॉर-जॉब स्कैम, रेलवे होटल घोटाला और BPSC भर्ती में घोटाले हुए — और आय से अधिक संपत्ति के मामलों में भी आप फंसे हुए हैं।”</p>
<p>शाह ने यह भी कहा कि 14 नवम्बर (वे कह रहे हैं) को असली “दिवाली” मनाएंगे जब लालू के बेटे का ‘सुपड़ा साफ’ हो जाएगा — इस तरह के बयान चुनावी समय में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का पलटाव हैं।</p>
<p><strong>घुसपैठियों पर हमला और राहुल गांधी को निशाना</strong></p>
<p>सभा में अमित शाह ने प्रवासी/घुसपैठियों के मुद्दे को भी उठाया और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग घुसपैठियों के पक्ष में बोल रहे हैं और उनकी सरकार एक-एक करके घुसपैठियों को देश से बाहर निकालेगी। शाह ने सभा से मतदाता-समर्थन की अपील करते हुए पूछा कि क्या सिवानवासी चाहते हैं कि मतदाता सूची में घुसपैठिए रहें।</p>
<p>“सिवानवालों, मुझे बताइए — घुसपैठियों को बिहार से निकालना चाहिए या नहीं? फिर से NDA की सरकार बनते ही हम चुने-चुने घुसपैठियों को देश से बाहर करेंगे,” उन्होंने कहा।</p>
<p><strong>सियासी प्रतिक्रियाएँ और अगले कदम</strong></p>
<p>अमित शाह के संबोधन ने राज्य के राजनीतिक रंग को और गरमा दिया है। स्थानीय और राजकीय नेताओं की ओर से बयानबाजी तेज होने की संभावना है; विपक्षी दलों द्वारा अमित शाह के इन आरोपों का कड़ा जवाब देने की उम्मीद जताई जा रही है।</p>
<p>एनडीए की ओर से यह रैली चुनावी संकल्प और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर जनसमर्थन जुटाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है, जबकि विपक्ष इसे चुनावी आरोप-प्रत्यारोप और ध्रुवीकरण की रणनीति करार दे सकता है।</p>
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		<title>जम्मू कश्मीर में दहाड़े अमित शाह: आतंकवाद को पाताल में दफन कर देंगे</title>
		<link>http://www.aajkiawaaz.com/amit-shah-roared-in-jammu-and-kashmir-will-bury-terrorism-in-the-underworld</link>
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		<dc:creator><![CDATA[आज की आवाज़ टीम]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Sep 2024 10:28:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जम्मू और कश्मीर]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्य ख़बरें]]></category>
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		<category><![CDATA[Union Home Minister Amit Shah]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव 2024 का प्रचार अपने चरम पर है. ऐसे में राजनेता एक-दूसरे पर हमला कर वोटरो को अपनी तरफ लुभाने की कोशिश में हैं. इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज सोमवार (16 सितंबर) को राज्य के किश्तवाड़ में एक चुनावी सभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस पर ‘‘अपने परिवार की सरकार’’ बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे जम्मू कश्मीर में सत्ता में नहीं आ सकते. उमर अब्दुल्लाह और राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि राज्य में एक बार फिर से आतंकवाद को बढ़ाने की कोशिश की जा रही है लेकिन बीजेपी सरकार इसको जमीन में दफन कर देगी. &#8216;आतंकवाद को जमीन में दफन कर देंगे&#8217; आतंकवाद के मुद्दे पर बीजेपी के दिग्गज नेता ने कहा कि कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी जम्मू-कश्मीर को फिर से आतंकवाद की ओर धकेलना चाहते हैं. उन्होंने आगे कहा, &#8220;कांग्रेस और एनसी की सरकार आयेगी तो आंतकवाद को छेड़ देंगे. मैं आपसे वचन देता हूं. आतंकवाद को नीचे दफन कर देंगे. आतंकवाद को उस स्तर तक दफनाने का &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव 2024 का प्रचार अपने चरम पर है. ऐसे में राजनेता एक-दूसरे पर हमला कर वोटरो को अपनी तरफ लुभाने की कोशिश में हैं. इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज सोमवार (16 सितंबर) को राज्य के किश्तवाड़ में एक चुनावी सभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा.</strong></p>
<p>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस पर ‘‘अपने परिवार की सरकार’’ बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे जम्मू कश्मीर में सत्ता में नहीं आ सकते. उमर अब्दुल्लाह और राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि राज्य में एक बार फिर से आतंकवाद को बढ़ाने की कोशिश की जा रही है लेकिन बीजेपी सरकार इसको जमीन में दफन कर देगी.</p>
<p>&#8216;<strong>आतंकवाद को जमीन में दफन कर देंगे&#8217;</strong></p>
<p>आतंकवाद के मुद्दे पर बीजेपी के दिग्गज नेता ने कहा कि कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी जम्मू-कश्मीर को फिर से आतंकवाद की ओर धकेलना चाहते हैं. उन्होंने आगे कहा, &#8220;कांग्रेस और एनसी की सरकार आयेगी तो आंतकवाद को छेड़ देंगे. मैं आपसे वचन देता हूं. आतंकवाद को नीचे दफन कर देंगे. आतंकवाद को उस स्तर तक दफनाने का संकल्प लिया है कि वह फिर न लौट पाए.&#8221;</p>
<p>&#8216;<strong>जम्मू-कश्मीर में बनेगी बीजेपी सरकार&#8217;</strong></p>
<p>इसके अलावा अमित शाह ने कहा कि वो जम्मू-कश्मीर में चुनावी माहौल देख रहे हैं. उनके मुताबिक, न तो अब्दुल्ला की सरकार बन रही है न राहुल गांधी की सरकार बन रही है. उन्होंने दावा किया कि इस बार घाटी में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार बनेगी. बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि बीजेपी की सरकार बनाने में मदद कीजिए, आतंकवाद को जड़ से खत्म कर देंगे. उन्होंने ये भी कहा कि पीएम मोदी ने घाटी में तीन परिवारों के शासन को खत्म कर पंचायती राज को मजबूत किया और आर्टिकल 370 अब इतिहास का विषय हो गया, वो कभी वापस आने वाला नहीं.</p>
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		<title>देश तोड़ने वाली ताकतों का साथ देना राहुल और कांग्रेस की आदत : अमित शाह</title>
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		<dc:creator><![CDATA[आज की आवाज़ टीम]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 11 Sep 2024 11:46:36 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस और लोकसभा में उसके नेता राहुल गांधी पर देश विरोधी बातें करने तथा देश को तोड़ने वाली ताकतों के साथ खड़े होने का आरोप लगाया. शाह ने कहा कि राहुल गांधी ने देश की सुरक्षा को हमेशा खतरे में डाला है. केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सीनियर नेता अमित शाह ने आरक्षण संबंधी बयान के लिए भी राहुल गांधी पर निशाना साधा है. गृह मंत्री अमित शाह ने जोर देकर कहा कि जब तक उनकी पार्टी है, आरक्षण को कोई छू भी नहीं सकता और देश की एकता के साथ कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता. राहुल गांधी फिलहाल अमेरिका की चार दिवसीय यात्रा पर हैं. इस दौरान उन्होंने जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी और वर्जीनिया के हर्नडॉन टाउनशिप सहित कई जगहों पर आयोजित कार्यक्रमों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने भारत में लोकतंत्र और चुनाव सहित कई मुद्दों पर अपना पक्ष रखा. पिछले कुछ दिनों से भाजपा के नेता उनके बयानों को भारत विरोधी बता रहे हैं और उन पर हमले कर रहे हैं. विदेशी मंचों पर भारत विरोधी बातें करना राहुल गांधी की आदत राहुल गांधी ने मंगलवार को वाशिंगटन में ‘नेशनल प्रेस क्लब’ में संवाददाता सम्मेलन &#8230;</p>
<p>The post <a href="http://www.aajkiawaaz.com/supporting-forces-that-break-the-country-is-a-habit-of-rahul-and-congress-amit-shah">देश तोड़ने वाली ताकतों का साथ देना राहुल और कांग्रेस की आदत : अमित शाह</a> appeared first on <a href="http://www.aajkiawaaz.com">www.aajkiawaaz.com</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस और लोकसभा में उसके नेता राहुल गांधी पर देश विरोधी बातें करने तथा देश को तोड़ने वाली ताकतों के साथ खड़े होने का आरोप लगाया. शाह ने कहा कि राहुल गांधी ने देश की सुरक्षा को हमेशा खतरे में डाला है. केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सीनियर नेता अमित शाह ने आरक्षण संबंधी बयान के लिए भी राहुल गांधी पर निशाना साधा है.</strong></p>
<p>गृह मंत्री अमित शाह ने जोर देकर कहा कि जब तक उनकी पार्टी है, आरक्षण को कोई छू भी नहीं सकता और देश की एकता के साथ कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता. राहुल गांधी फिलहाल अमेरिका की चार दिवसीय यात्रा पर हैं. इस दौरान उन्होंने जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी और वर्जीनिया के हर्नडॉन टाउनशिप सहित कई जगहों पर आयोजित कार्यक्रमों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने भारत में लोकतंत्र और चुनाव सहित कई मुद्दों पर अपना पक्ष रखा. पिछले कुछ दिनों से भाजपा के नेता उनके बयानों को भारत विरोधी बता रहे हैं और उन पर हमले कर रहे हैं.</p>
<p><strong>विदेशी मंचों पर भारत विरोधी बातें करना राहुल गांधी की आदत</strong></p>
<p>राहुल गांधी ने मंगलवार को वाशिंगटन में ‘नेशनल प्रेस क्लब’ में संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत में लोकतंत्र को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया गया है, लेकिन अब लोकतंत्र फिर से पटरी पर लौट रहा है. अमित शाह ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘‘देश विरोधी बातें करना और देश को तोड़ने वाली ताकतों के साथ खड़े होना राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की आदत सी बन गई है. चाहे जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के देशविरोधी और आरक्षण विरोधी एजेंडे का समर्थन करना हो या फिर विदेशी मंचों पर भारत विरोधी बातें करनी हो, राहुल गांधी ने देश की सुरक्षा को खतरे में डाला है.’’</p>
<p><strong>&#8216;राहुल गांधी ने फिर दिखाया कांग्रेस का आरक्षण विरोधी चेहरा&#8217;</strong></p>
<p>अमित शाह ने कहा कि भाषा से भाषा, क्षेत्र से क्षेत्र और धर्म से धर्म में भेदभाव लाने की बात करना राहुल गांधी की ‘विभाजनकारी’ सोच को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने आरक्षण को समाप्त करने की बात कहकर कांग्रेस का आरक्षण विरोधी चेहरा एक बार फिर से देश के सामने लाने का काम किया है. उन्होंने कहा, ‘‘मन के विचार और सोच किसी न किसी माध्यम से बाहर आ ही जाती है. मैं राहुल गांधी को बताना चाहता हूं कि जब तक भाजपा है, आरक्षण को कोई छू भी नहीं सकता और देश की एकता के साथ कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता.’’</p>
<p>राहुल गांधी ने जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय में छात्रों से संवाद के दौरान सोमवार को कहा था कि कांग्रेस तभी आरक्षण खत्म करने के बारे में सोचेगी, जब देश में सभी को समान अवसर मिलने लगेंगे और फिलहाल भारत में ऐसी स्थिति नहीं है. इसके अलावा राहुल गांधी के भारत में सिखों को कड़े और पगड़ी पहनने को लेकर दिए बयान की भी चारों तरफ निंदा और आलोचना की जा रही है. कई सियासी दलों के नेता और बुद्धिजीवी राहुल गांधी से 1984 में हुए सिख विरोधी दंगे का हिसाब भी मांग रहे हैं.</p>
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		<title>BJP ने कपिल मिश्रा पर फिर जताया भरोसा, लोकसभा चुनाव से पहले दी ये बड़ी जिम्मेदारी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[आज की आवाज़ टीम]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 06 Aug 2023 07:35:14 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>BJP ने नेता कपिल मिश्रा को चार साल के लंबे इंतजार के बाद शनिवार को पार्टी की दिल्ली इकाई का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है. मिश्रा की नियुक्ति करने वाले दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि उनका नाम इस सप्ताह की शुरुआत में घोषित पार्टी के नये पदाधिकारियों की सूची में था, लेकिन किसी कारणवश इसकी घोषणा नहीं की जा सकी थी. आम आदमी पार्टी  की सत्ता वाली दिल्ली सरकार में मंत्री रह चुके कपिल मिश्रा अगस्त 2019 में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल  के साथ अपने मतभेद सार्वजनिक होने के बाद दिल्ली भाजपा में शामिल हो गए थे. आम आदमी पार्टी से नाता तोड़ने के बाद BJP में आए मिश्रा को पार्टी ने फौरन कोई पद या जिम्मेदारी नहीं दी, लेकिन उन पर भरोसा जताते हुए मॉडल टाउन विधानसभा सीट से टिकट देकर 2020 का विधानसभा चुनाव लड़ाया था. हालांकि उस चुनाव में उन्हें &#8216;AAP&#8217; के उम्मीदवार अखिलेश पति त्रिपाठी से हार का सामना करना पड़ा था. दिल्ली दंगों के दौरान मिश्रा सुर्खियों में आये थे उसके कुछ समय बाद कपिल मिश्रा NRC और CAA विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्वोत्तर दिल्ली में हुए दंगों के दौरान वह सुर्खियों में आये थे. उस समय दिल्ली के हालात पर देश &#8230;</p>
<p>The post <a href="http://www.aajkiawaaz.com/bjp-reposed-faith-in-kapil-mishra-gave-this-big-responsibility-before-lok-sabha-elections">BJP ने कपिल मिश्रा पर फिर जताया भरोसा, लोकसभा चुनाव से पहले दी ये बड़ी जिम्मेदारी</a> appeared first on <a href="http://www.aajkiawaaz.com">www.aajkiawaaz.com</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>BJP ने नेता कपिल मिश्रा को चार साल के लंबे इंतजार के बाद शनिवार को पार्टी की दिल्ली इकाई का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है. मिश्रा की नियुक्ति करने वाले दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि उनका नाम इस सप्ताह की शुरुआत में घोषित पार्टी के नये पदाधिकारियों की सूची में था, लेकिन किसी कारणवश इसकी घोषणा नहीं की जा सकी थी. आम आदमी पार्टी  की सत्ता वाली दिल्ली सरकार में मंत्री रह चुके कपिल मिश्रा अगस्त 2019 में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल  के साथ अपने मतभेद सार्वजनिक होने के बाद दिल्ली भाजपा में शामिल हो गए थे.</strong></p>
<p>आम आदमी पार्टी से नाता तोड़ने के बाद BJP में आए मिश्रा को पार्टी ने फौरन कोई पद या जिम्मेदारी नहीं दी, लेकिन उन पर भरोसा जताते हुए मॉडल टाउन विधानसभा सीट से टिकट देकर 2020 का विधानसभा चुनाव लड़ाया था. हालांकि उस चुनाव में उन्हें &#8216;AAP&#8217; के उम्मीदवार अखिलेश पति त्रिपाठी से हार का सामना करना पड़ा था.</p>
<p><a href="https://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2023/08/BJP-reposed-faith-in-Kapil-Mishra-gave-this-big-responsibility-before-Lok-Sabha-elections.jpg"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter wp-image-20424 size-full" src="https://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2023/08/BJP-reposed-faith-in-Kapil-Mishra-gave-this-big-responsibility-before-Lok-Sabha-elections.jpg" alt="" width="720" height="540" srcset="http://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2023/08/BJP-reposed-faith-in-Kapil-Mishra-gave-this-big-responsibility-before-Lok-Sabha-elections.jpg 720w, http://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2023/08/BJP-reposed-faith-in-Kapil-Mishra-gave-this-big-responsibility-before-Lok-Sabha-elections-200x150.jpg 200w, http://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2023/08/BJP-reposed-faith-in-Kapil-Mishra-gave-this-big-responsibility-before-Lok-Sabha-elections-480x360.jpg 480w, http://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2023/08/BJP-reposed-faith-in-Kapil-Mishra-gave-this-big-responsibility-before-Lok-Sabha-elections-300x225.jpg 300w, http://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2023/08/BJP-reposed-faith-in-Kapil-Mishra-gave-this-big-responsibility-before-Lok-Sabha-elections-700x525.jpg 700w, http://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2023/08/BJP-reposed-faith-in-Kapil-Mishra-gave-this-big-responsibility-before-Lok-Sabha-elections-570x428.jpg 570w, http://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2023/08/BJP-reposed-faith-in-Kapil-Mishra-gave-this-big-responsibility-before-Lok-Sabha-elections-500x375.jpg 500w, http://www.aajkiawaaz.com/wp-content/uploads/2023/08/BJP-reposed-faith-in-Kapil-Mishra-gave-this-big-responsibility-before-Lok-Sabha-elections-180x135.jpg 180w" sizes="(max-width: 720px) 100vw, 720px" /></a></p>
<p><strong>दिल्ली दंगों के दौरान मिश्रा सुर्खियों में आये थे</strong><br />
उसके कुछ समय बाद कपिल मिश्रा NRC और CAA विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्वोत्तर दिल्ली में हुए दंगों के दौरान वह सुर्खियों में आये थे. उस समय दिल्ली के हालात पर देश की नजर थी और कपिल मिश्रा अपने बयानों से लगातार लाइम लाइट में थे.</p>
<p><strong>PM मोदी और गृह मंत्री शाह का जताया आभार</strong></p>
<p>अपनी नियुक्ति की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद कपिल मिश्रा ने तुरंत ट्वीट करके पार्टी आलाकमान का आभार जताते हुए लिखा, &#8216;एक छोटे से सामान्य कार्यकर्ता को इस प्रकार स्नेह देकर अपनाना सिर्फ भारतीय जनता पार्टी में ही संभव है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा  जी का आभार है, जो उन्होंने मुझे इस जिम्मेदारी के योग्य समझा. गृहमंत्री अमित शाह  का आभार जिनके मार्गदर्शन में दिल्ली बड़े परिवर्तन की ओर बढ़ रही है. दिल्ली के यशस्वी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा  का आभार जिन्होंने मुझे अपनी टीम का सदस्य बनाने योग्य समझा.</p>
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