अयोध्या: अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले को लेकर उठे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। अयोध्या में राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़े ठोस सबूत हैं तो उन्हें विशेष जांच दल (SIT) को सौंपना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच में “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर SIT जांच का गठन किया है और जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की अनावश्यक बयानबाजी से बचें।
“अपराधी कोई भी हो, बचेगा नहीं”
सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा,
“अगर किसी के पास कोई दस्तावेजी प्रमाण है तो वह SIT को उपलब्ध कराए। जांच एजेंसियां निष्पक्ष रूप से काम करेंगी और जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बिना प्रमाण के किसी व्यक्ति या संस्था का चरित्र हनन करना उचित नहीं है और इससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
विपक्ष पर साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि जो लोग आज राम भक्तों के सम्मान की बात कर रहे हैं, वही लोग अतीत में राम मंदिर आंदोलन और कारसेवकों के खिलाफ कार्रवाई करते रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा,
“कारसेवकों पर गोली चलाने वाले आज राम भक्तों के सम्मान की बात कर रहे हैं। यह उनका दोहरा चरित्र दर्शाता है।”
उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि एक समय राम मंदिर निर्माण का विरोध करने वाले और भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाले लोग अब राम भक्तों के हितैषी बनने का प्रयास कर रहे हैं।
“अयोध्या को बदनाम करने की साजिश”
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग अयोध्या की बढ़ती पहचान और विकास को पचा नहीं पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नई अयोध्या का स्वरूप देश और दुनिया के सामने उभर रहा है, लेकिन कुछ राजनीतिक ताकतें इसे बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा,
“अयोध्या को बदनाम करने वालों के बहकावे में न आएं। कुछ लोग नहीं चाहते कि अयोध्या का नाम और सम्मान बढ़े।”
राम भक्तों से संयम बरतने की अपील
मुख्यमंत्री ने राम भक्तों से भी धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने मर्यादा का संदेश दिया है और सभी को उसी मार्ग पर चलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि SIT जांच को अपना काम करने दिया जाए और रिपोर्ट आने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।
SIT जांच पर टिकी सभी की नजर
राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर गठित SIT जांच अब इस पूरे मामले की तह तक जाने का प्रयास कर रही है। जांच एजेंसी दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।
राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब सभी की नजर SIT की रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह साफ हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और यदि कोई अनियमितता हुई है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार है।

