पर्यटकों की पसंद गोवा

Goa-Tourismअगर ऐतिहासिक दृष्टि से देखा जाए तो सबसे पहले गोवा का ज़िक्र महाभारत में किया गया था। उस समय गोवा का नाम गोपराष्ट्र अर्थात् गाय चराने वाले का देश हुआ करता था। माना जाता है कि गोवा गोपराष्ट्र का ही अपभ्रंश है।

जनश्रुति के मुताबिक़ गोवा की रचना भगवान परशुराम ने की थी। उत्तरी गोवा में हरमल के पास भूरे रंग का एक पर्वत है। इसे परशुराम के यज्ञ करने का स्थान माना जाता है। उन्होंने अपने बाणों से समुद्र को कई योजन पीछे धकेल दिया था। आज भी गोवा के कई स्थानों का नाम वाणावली, वाणस्थली इत्यादि है।

गोवा राज्य मुख्यतः तीन भागों में बंटा हुआ है,  पणजी अथवा पंझिम, मडगांव , वास्को दा गामा। गोवा एक ऐसा राज्य है  जिसका नाम सुनते ही याद आता है, दूर तक फैला समुद्र का किनारा, उन्मुक्त जीवन-शैली, थिरकते कदम औऱ काजू से बनी लाजवाब फेनी। लेकिन गोवा सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं… हो-हल्ले के इस प्रदेश में कई ऐसे बेहतरीन रिसॉर्ट्स हैं, जहां लोग शांति की तलाश में आते हैं।

गोवा को पर्यटकों की पसंद कहा जाता है। इसका कारण सिर्फ यहां के खूबसूरत इलाके ही नहीं, बल्कि यहाँ पर्यटकों को पर्यटन से जुड़ी हर तरह की सुविधाएं भी आसानी से प्राप्त हो जाती हैं। यहां जगह-जगह पर ट्रैवल एजेंसियों के छोटे-छोटे ऑफिस बने हुए हैं जो पर्यटकों को गोवा के सभी इलाकों की सैर कराते हैं। यहां की सेवाएं इतनी अच्छी हैं कि देशी क्या विदेशी पर्यटकों को भी किसी तरह की असुविधा नहीं होती।

अगर  आप अपने परिवार या दोस्तों के साथ गोवा जाने का प्लान बना रहे हैं तो किसी भी भरोसेमंद ट्रैवल एजेंसी से एडवांस टिकट ले लें, ताकि गोवा पहुंचने के दूसरे ही दिन से गोवा की सैर शुरू हो जाए। अच्छा होगा कि आप अपने सफर की शुरुआत उत्तरी गोवा से करें और दूसरे दिन पहुंच जाएं पणजी के लिए एलथीनो हिल।

गोवा में पर्यटकों की पहली पसंद  – पणजी, वास्को दा गामा, मारगांव, मापुसा, पोंडा, ओल्ड गोवा, छापोरा, वेगाटोर, बेनॉलिम, दूधसागर झरने आदि।

गोवा का समुद्र तट – डोना पॉला, मीरमार, बोग्मालो, अंजुना, वेगाटोर, कोल्वा, केलनगुटे बांगा, पालोलेम, आराम बोल।

गोवा का नेशनल पार्क – बोंडला अभयारण्य, कावल वन्य प्राणी अभयारण्य, कोटिजाओ वन्य प्राणी अभयारण्य।

गोवा के धार्मिक स्थल – बैसिलिका ऑफ बॉम जीसस (सेंट कैथरीन्स), कैथेड्रल ऑफ सेंट काजेतान, श्री दत्त मंदिर, चर्च ऑफ सेंट फ्रांसिस, मंगेश श्री महालसा।

गोवा के सांस्कृतिक स्थल – अगुडा किला, संग्रहालय, पुरा महत्व का संग्रह।

कैसे करें गोवा की यात्रा

ठहरने के स्थान – गोवा पर्यटन विभाग ने समुद्र के किनारे-किनारे अनेक टूरिस्ट होम और हट बना रखे हैं। इसके साथ ही बेड सुविधा भी उपलब्ध है।

हवाई मार्ग – मुंबई, दिल्ली, बंगलोर, कोचीन और तिरुअनंतपुरम से गोवा के लिए सीधी उड़ानें हैं। विदेशी पर्यटकों के लिए मुंबई प्रमुख हवाई अड्डा है। वैसे गोवा के लिए सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी हैं। पणजी से 26 किलोमीटर दूर दक्षिणी गोवा में स्थित डाबोलिम राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का हवाई अड्डा है।

रेलमार्ग – कोंकण रेलवे (मुंबई से बंगलोर) सर्वाधिक आकर्षक रेल मार्ग है। यह रेल लाइन गोवा से गुजरती है और इस पर यात्रा करने वाले इस क्षेत्र की मनोहारी सुंदरता आसानी से देख सकते हैं।

सड़क मार्ग – मुंबई से बस या टैक्सीर से गोवा पहुंचा जा सकता है। अन्य समीपवर्ती शहरों से भी गोवा सड़क मार्ग से जुड़ा है।

शिप सेवा – मुंबई से गोवा के बीच आमतौर पर कैटामारान (बड़ी नाव) सेवा भी चलती है। यह अक्टूबर से मई माह के दौरान संचालित होती है।

आपका बजटगोवा एक ऐसा राज्य है, जहां का पर्यटन आपकी जेब के मुताबिक बदलता रहता है। यहां आप 5 हजार से लेकर 5 लाख तक, जैसा चाहे बजट बना सकते हैं। यहां सस्ते होटलों से लेकर महंगे रिसॉर्ट तक सब उपलब्ध हैं। वैसे यदि आप गोवा पीक सीजन में घूमने जा रहे हैं तो बुकिंग पहले से करवा लें, यह आपके और आपकी जेब दोनों के लिए मुनासिब होगा।